हिस्ट्रीशीटर बाप ने ही की थी बेटी की हत्या, पत्नी संग गिरफ्तार
सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र में 18 वर्षीया आरती की गला दबाकर कर दी गई थी हत्या
पिता ने पुलिस को गुमराह करने के लिए दर्ज कराया था दो के खिलाफ मुकदमा
मां पर बेटी की हत्या में सहयोग का आरोप, पुलिस ने कृष्णावती को भी भेजा जेल
वाराणसी, भदैनी मिरर। सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र में पिछले दिनों 18 वर्षीया युवती आरती की हत्या का पुलिस ने चौकानेवाला खुलासा किया है। इस घटना में युवती के पिता रामलखन उर्फ रवि उर्फ बाठे ने दो व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में पिता ही हत्यारा निकला। पुलिस ने पिता रामलखन और बेटी की हत्या में सहयोग करनेवाली मां कृष्णावती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि हत्यारोपित पिता थाने का हिस्ट्ीशीटर है। उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई हो चुकी है।




आपको बता दें कि घोरावल कोतवाली क्षेत्र के महुआंव पांडेय गांव में रविवार की सुबह सो रही आरती (18) की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को माता-पिता ने बताया कि वारदात के वक्त आरती घर में अकेली थी। पिता रामलखन ने दो लोगों को हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा भी दर्ज करा दिया। बताया गया कि आरती रोजाना की भांति रविवार की रात परिवार वालों के साथ सोई हुई थी। सोमवार की सुबह परिवार वाले आरती को सोता छोड़कर अपने दिनचर्या में जुट गए। करीब दो घंटे बाद भी वह कमरे से बाहर नहीं आई तो परिवार के लोग उसे जगाने पहुंचे। कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसके शरीर को हिला-डुलाकर देखा। शरीर में किसी तरह की प्रतिक्रिया न होती देख उसके गले पर नजर डाली तो उस पर कसाव के निशान दिखे। इसके बाद मामले जानकारी पुलिस को दी गई।

पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ की तो उन्होंने घटना से साफ इनकार कर दिया। मौके से जुटाये गये साक्ष्य, परिस्थितिजन्य तथ्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में पता चला कि आरती की हत्या किसी बाहरी ने नही बल्कि पिता ने ही की थी। घटना के बाद से ही पिता स्वयं को पीड़ित दर्शाते हुए पुलिस को गुमराह कर रहा था और झूठा मुकदमा दर्ज कराया। बेटी की हत्या में मां भी सहयोगी रही। इसके बाद पुलिस ने रामलखन और पत्नी कृष्णावती को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो सारी कहानी सामने आ गई। पिता रामलखन की जिन लोगों से रंजिश थे, उन्हीं के लड़के फोन पर उसकी बेटी से बात कर रहे थे। इसको लेकर वह कई बार मना कर चुका था। बेटी को डांट-फटकार लगाने के साथ युवकों की पिटाई भी की थी। बावजूद फोन पर बातचीत जारी थी। घटना की रात भी उसने बेटी को बात करते पकड़ा और कई थप्पड़ जड़ दिये थे।

इस बात से खफा होकर वह रात में जब सभी लोग सो गए तो वहां से वह गांव वाले घर चली गई। नींद खुलने पर जब वह खेत पर नजर नहीं आई तो माता-पिता उसकी तलाश करने के लिए गांव के घर पहुंच गए। वहां उसे आराम से सोता देख रामलखन आपा खो बैठा और गला दबकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपितों को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि हत्यारोपित पिता रामलखन अपराधी प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ वर्ष 1998 से अबतक हत्या, आर्म्स एक्ट, अनिच्छित हत्या समेत छह मुकदमे घोरावल थाने में दर्ज है। उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है। दम्पती को गिरफ्तार करनेवाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव, हेड कांस्टेबल संजय यादव, अजय यादव, कांस्टेबल शिवमंगल यादव, महिला कांस्टेबल पूनम कुमारी रहीं।
