बिजनौर में हनुमान मूर्ति की कुत्ता लगा रहा चार दिन से परिक्रमा, लोगों में कौतूहल
कुछ खाया पीया नही, तीसरे दिन थोड़ा विश्राम और दूध पीने के बाद फिर लगाने लगा मूर्ति के चक्कर
कुत्ते का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पशु चिकित्सकों की टीम पहुंची
जांच के बाद बताया कि हो सकती है फ्रंट ब्रेन डिसआर्डर की समस्या
बिजनौर। बिजनौर के नंदपुर गांव में चार दिन से एक कुत्ता हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा कर रहा है। कुत्ते का परिक्रमा करना लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया है। कुत्ते की ‘भक्ति‘ देख या समझ ग्रामीणों ने भंडारा शुरू दिया है। देखते ही देखते आसपास के गांवों में भी चर्चा का विषय बने इस कुत्ते की हरकत को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह के विचार बनने लगे। लोगों ने पशु चिकित्सक को बुलाकर कुत्ते की जांच कराई। जांच के बाद चिकित्सक को कुत्ते में रेबीज के लक्षण नहीं मिले। लेकिन पशु चिकित्सकों का मानना है कि कुत्ते को फ्रंट ब्रेन डिसआर्डर की समस्या हो सकती है। क्योंकि ऐसी स्थिति में ही कुत्ता बार-बार एक जैसी हरकत करता है।



कुत्ता 11 जनवरी से हनुमान जी की मूर्ति के चक्कर लगा रहा है। इस अनोखी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मंदिर के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो जा रही है। इसके साथ ही इस घटना को लोग विज्ञान की कसौटी पर समझने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बढ़ापुर रोड स्थित नंदपुर गांव में 200 वर्ष से भी अधिक पुराना नंदलाल देवता महाराज का मंदिर है। मंदिर की देखरेख करने वाले तुषार सैनी ने बताया कि रविवार की दोपहर कुत्ता ग्रामीणों को मंदिर के आसपास दिखाई दिया। सोमवार की भोर में जब तुषार सैनी मंदिर की सफाई करने पहुंचे तो उन्होंने कुत्ते को मंदिर परिसर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति की परिक्रमा दिखा।

तुषार सैनी ने उसे भगाने का प्रयास किया लेकिन कुत्ता नही भागा और बार-बार मूर्ति की परिक्रमा करता रहा। लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बीमार या अशक्त समझ कर उस खाने के लिए दूध-रोटी दी, लेकिन उसने नही खाया। बुधवार को पशु चिकित्साधिकारी डा. रजनीश कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम पहुंची और कुत्ते का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डा. रजनीश कुमार ने बताया कि कुत्ता शारीरिक रूप से स्वस्थ है। रेबीज के लक्षण नहीं है। उन्होंने बताया कि कुत्ते को फ्रंट ब्रेन डिसआर्डर हो सकता है। ऐसी स्थिति में ही कुत्ता बार-बार एक जैसी हरकत करता है। कुत्ते की एमआरआइ होने के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकेगा। वहीं तुषार सैनी ने बताया कि तीसरे दिन कुत्ते ने थोड़ा आराम करने के बाद दूध पिया और फिर परिक्रमा करने लगा। चिकित्सकों के अनुसार कुत्तों में फ्रंट ब्रेन डिसआर्डर हो सकता है। क्यांेंकि इसके कारण मस्तिष्क का अगला हिस्सा प्रभावति हो जाता है। इसके चलते भ्रम, दौरे, व्यवहार, संतुलन और चेतना में बदलाव जैसे लक्ष्मण दिखते हैं। उम्र बढ़ना, संक्रमण या मस्तिष्क में सूजन या सिर में चोट भी इसका कारण हो सकता है।

