Gorakhpur Accident: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस में उतरा 11 हजार वोल्ट का करंट, दो सगे भाइयों समेत 3 की मौत
गुलरिहा के जंगल अयोध्या प्रसाद में डीजे की लोहे की रेलिंग हाईटेंशन तार से टकराई; 4 महिलाओं समेत 11 लोग झुलसे
गोरखपुर व राज्य डेस्क (भदैनी मिरर): गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र स्थित जंगल अयोध्या प्रसाद में बुधवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। विसर्जन जुलूस में शामिल डीजे वाहन की लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। गाड़ी में अचानक करंट उतरने से 4 महिलाओं समेत 11 लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

सभी घायलों को आनन-फानन में बीआरडी मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और परिजनों में कोहराम छा गया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद के चौहान टोला में स्थापित दुर्गा प्रतिमा को लेकर ग्रामीण शाम करीब 5 बजे कोलुहा घाट पर विसर्जन के लिए निकले थे। जुलूस जब गांव के बाहर रजही चौराहे के पास पहुंचा, तभी डीजे के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से टकरा गई।
तार छूते ही पूरे डीजे और आसपास मौजूद लोगों में तेज करंट दौड़ गया। हादसे में चंदन (पुत्र केदारनाथ) तथा विक्की और लक्की (पुत्रगण शिव चौहान) की जान चली गई। विक्की और लक्की दोनों सगे भाई थे।
इस हादसे में पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जारी है।
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप, फोरलेन जाम
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिमा विसर्जन के समय रूट पर बिजली आपूर्ति बंद रखने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद बिजली नहीं काटी गई।
बिजली विभाग की घोर लापरवाही से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने शाम करीब 6 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गेट के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
अधिकारियों द्वारा जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद देर शाम तक आक्रोशित ग्रामीण मांगों को लेकर डटे रहे और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने के प्रयास में जुटे रहे।
