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गोरखपुर: 18 महीने की मासूम की नाले में गिरकर दर्दनाक मौत, सफाई के बाद खुला छोड़ दिया था स्लैब

बरगदवा क्षेत्र में दो दिन पहले हुई थी नाले की सफाई, स्लैब के गैप में गिरी बच्ची; असुरन मार्ग पर भी साइकिल समेत खुले नाले में गिरा मासूम

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गोरखपुर / भदैनी मिरर:

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर लापरवाही व बेपरवाही ने एक 18 महीने की मासूम बच्ची की जान ले ली। बरगदवा क्षेत्र के केमिकल चौराहे के पास शनिवार को झोपड़ी के नीचे बने एक नाले के स्लैब में बने गैप में गिरकर मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई।

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दुखद पहलू यह है कि हादसे के बाद अपनी गर्दन बचाने के लिए नगर निगम और पीडब्ल्यूडी एनएच (PWD NH) के अधिकारी इस नाले को एक-दूसरे का बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं और मासूम की मौत के बाद भी यह नाला कागजों में 'लावारिस' बन गया है।

सफाई के बाद खुला छोड़ दिया था स्लैब, 4 टीमों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

केमिकल चौराहा निवासी बंसफोड़ रामलखन की 18 महीने की मासूम बेटी मीना शनिवार को अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने चार अलग-अलग टीमें गठित कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जब आसपास के सीसीटीवी कैमरों में बच्ची कहीं नजर नहीं आई, तो पुलिस ने नगर निगम की टीम के साथ मिलकर तलाशी तेज की।

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काफी खोजबीन के बाद पुलिस को बच्ची का शव झोपड़ी के नीचे से गुजर रहे नाले के भीतर से बरामद हुआ। परिजनों का आरोप है कि दो दिन पहले ही नाले की सफाई कराई गई थी, लेकिन सफाईकर्मियों ने कंक्रीट के स्लैब को ठीक से वापस नहीं रखा। स्लैब के बीच बने इसी जानलेवा गैप में फिसलकर बच्ची नाले में गिर गई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

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अफसरों की रार: नाला हमारा नहीं, उनका है!

मासूम की मौत के बाद जब जवाबदेही तय करने की बात आई तो विभागों के बीच रस्साकशी शुरू हो गई:

  • नगर निगम का पक्ष: नगर आयुक्त अजय जैन ने दावा किया कि बरगदवा का यह नाला पीडब्ल्यूडी (PWD) के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि शहर के सभी नालों को ढकने और गैपिंग ठीक करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

  • पीडब्ल्यूडी एनएच पक्ष: पीडब्ल्यूडी एनएच के अधिशासी अभियंता ध्रुव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उनके विभाग ने इस नाले का निर्माण नहीं कराया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में बने इस नाले की सफाई और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम की ही रही है।

शहर में खुले हैं कई 'जानलेवा नाले', एक और बच्चा बाल-बाल बचा

गोरखपुर शहर में खुले नाले और स्लैब के बीच की गैपिंग लगातार राहगीरों के लिए काल बन रही है। पादरी बाजार और असुरन-पिपराइच मार्ग समेत कई प्रमुख इलाकों में नाले बिना कवर के खुले पड़े हैं।

बरगदवा की दुखद घटना के ठीक बाद शनिवार रात करीब 8:30 बजे असुरन-पिपराइच मार्ग पर गीता वाटिका स्थित काली मंदिर के सामने एक और हादसा हुआ। यहां सामान खरीदने निकला एक मासूम बच्चा साइकिल समेत मुख्य मार्ग के खुले नाले में गिर गया। गनीमत रही कि पास से गुजर रहे राहगीर अशोक शर्मा ने अदम्य साहस दिखाते हुए तुरंत नाले में उतरकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच सकी।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी नालों को ढकने को लेकर गंभीर नहीं हैं, जिससे आए दिन लोग व मवेशी इन जानलेवा नालों में गिर रहे हैं।