रेलवे यात्रियों के लिए खुशखबरी: अब दोगुनी रफ्तार से बुक होंगे टिकट, कंफर्म सीट मिलना होगा और भी आसान
पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के 70 केंद्रों पर लगा 'नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम', AI तकनीक से बदलेगी टिकटिंग की तस्वीर
गोरखपुर [भदैनी मिरर]: भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के सफर को सुगम बनाने के लिए लगातार तकनीक में बदलाव कर रहा है। अब रेलवे आरक्षण केंद्रों (PRS) पर टिकट के लिए लंबी कतारों से राहत मिलने वाली है। पूर्वोत्तर रेलवे ने अपने 70 से अधिक केंद्रों पर माउस आधारित नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम (Next Generation System) लगाने का काम पूरा कर लिया है। ट्रायल सफल होने के बाद अब इसे जल्द ही आम जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा।


समय की होगी भारी बचत
अभी तक एक विंडो टिकट बुक करने में, जिसमें 6 यात्रियों का विवरण होता है, औसतन 2 मिनट का समय लगता था। लेकिन इस नई तकनीक के आने के बाद यह समय घटकर मात्र 1 मिनट से सवा मिनट रह जाएगा। इसका सीधा लाभ उन यात्रियों को मिलेगा जो तत्काल या अंतिम समय में टिकट बुक कराने के लिए काउंटर पर पहुंचते हैं।

अब मोबाइल मैसेज ही होगा आपका टिकट
अक्सर यात्रियों को यह डर सताता है कि यात्रा के दौरान काउंटर टिकट खो न जाए। लेकिन अब रेलवे इसे डिजिटल करने जा रहा है।
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स्मार्ट टिकटिंग: IRCTC के ई-टिकट की तरह ही अब विंडो टिकट का मैसेज भी मोबाइल पर मान्य होगा।
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खो जाने का डर खत्म: टिकट खोने पर अब भारी पेनल्टी देकर डुप्लीकेट टिकट बनवाने की झंझट खत्म हो जाएगी। मोबाइल पर आया आधिकारिक मैसेज दिखाकर आप अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कमाल
रेलवे अब टिकटिंग प्रणाली में एआई का बड़े स्तर पर उपयोग कर रहा है। डेटा विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में कुल 81% टिकट IRCTC की वेबसाइट या ऐप से बुक होते हैं, जबकि 19% यात्री आज भी रेलवे काउंटरों पर निर्भर हैं। एआई की मदद से काउंटर बुकिंग को भी उतना ही सरल और तेज बनाया जा रहा है जितना कि ऑनलाइन बुकिंग।

काउंटर टिकट का बड़ा फायदा
रेलवे जानकारों के मुताबिक, काउंटर टिकट का एक बड़ा फायदा यह है कि चार्ट बनने के बाद भी अगर टिकट वेटिंग लिस्ट में रहता है, तो वह अपने आप कैंसिल नहीं होता (जैसा कि ई-टिकट में होता है)। यात्री उस टिकट के साथ कोच में टीटीई से संपर्क कर खाली सीट की गुंजाइश देख सकते हैं। अब नई तकनीक से इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी।
