गाजियाबाद की एनकाउंटर स्पेशलिस्ट महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह 45 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
भुवनेश्वरी की दूसरी बार रिश्वत मामले में हुई गिरफ्तारी, कानपुर में भी पकड़ी गई थी
पारिवारिक विवाद आरोपितों का नाम हटाने के लिए मांगी थी एक लाख की घूस
भुक्तभोगी ने एंटी करप्शन विभाग से कर दी थी शिकायत
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के साहिबाबाद थाने में महिला थाने की रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी एसआई भुवनेश्वरी सिंह को एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार की दोपहर 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यूपी में पहली बार एनकाउंटर करने वाली महिला पुलिसकर्मियों की टीम का हिस्सा रही भुवनेश्वरी के खिलाफ इससे पहले भी कई आरोप लगते रहे। रिश्वत के आरोप में भुवनेश्वरी को दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है। कानून-व्यवस्था के अनुपालन और समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेकर खाकी वर्दी पहनने वाले पुरूषों की करतूत तो अक्सर सुनने और देखने को मिलती है। लेकिन अब महिला पुलिसकर्मी भी इस मामले में वर्दी पर दाग लगाने में कोई कोर-कसर नही छोड़ रही हैं।



साहिबाबाद में रहने वाले रामपाल सैनी ने 9 जनवरी को एंटी करप्शन टीम को रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। आरोप था कि बहू की ओर से बेटे के खिलाफ महिला थाने में दर्ज कराए मुकदमे में साहिबाबाद रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी भुवनेश्वरी ने उन्हें आरोपित बनाने का डर दिखाकर 45 हजार रुपये मांगे हैं। इसके बाद दरोगा को ट्रैप में लेने की तैयारी की और उन्हें जाल में फंसाया गया। उपनिरीक्षक भुवनेश्वरी सिंह मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली हैं। वह यूपी पुलिस में वर्ष 2002 बैच में नियुक्त हुई थी। इसके बाद अलग-अलग वजहों से चर्चा में रहीं। वह दो बार रिश्वत के मामले में गिरफ्तार हो चुकी हैं। आपको बता दें कि भुवनेश्वरी सिंह यूपी में पहली बार एनकाउंटर करने वाली महिला पुलिसकर्मियों की टीम का हिस्सा रही हैं। दरअसल पिछले साल नवरात्र के पहले दिन गाजियाबाद महिला थाने की टीम ने छिनैती के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। घायल आरोपियों को कंधे पर गाड़ी तक ले जाने के दौरान बदमाशों को कंधे का सहारा देकर वाहन तक लाने वाली दरोगा भुवनेश्वरी ही थीं। उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस मामले में गाजियाबाद कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने भुवनेश्वरी और उनकी टीम को सम्मानित किया था। भुवनेश्वरी को वर्ष 2022 में भी रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। कानपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उस दौरान भुवनेश्वरी सिंह कानपुर एडीसीपी पूर्वी कार्यालय में तैनात थी।

आरोप था कि सेक्स रैकेट की सूचना पर एक होटल से दो भाइयों को युवतियों के साथ पकड़ा गया। थाने लाने के बाद 15 लाख रुपये का रिश्वत मांगे जाने की बात सामने आई। 50 हजार रुपये रिश्वत देने की बात फाइनल हुई। पुलिस के चंगुल से छूटने के बाद घूस की रकम देनेवालों ने जॉइंट सीपी से इसकी शिकायत कर दी। जांच के बाद भुवनेश्वरी को गिरफ्तार किया गया था। तब भुवनेश्वरी पर युवकों को छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये, चेन, अंगूठी और अन्य सामान लेने का आरोप लगा था। एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने मीडिया को बताया कि देर शाम केस दर्ज कर आरोपित दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला दरोगा को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पीड़ित रामपाल ने बताया कि दो साल पहले उनके बेटे की शादी हुई। बेटे-बहू में झगड़ा हुआ तो बहू ने ससुराल आने से मना कर दिया। बहू ने बाद में बेटे से जान का खतरा बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दिया। आरोप है कि दरोगा ने इस मामले में बेटे और परिवार के लोगों का नाम हटाने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसको लेकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम के पास शिकायत दर्ज करा दी थी।

