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जानलेवा कफ सिरप कांड को लेकर सामने आये बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह

अमित सिंह टाटा से सम्बंधों को लेकर मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद जारी किया बयान

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dhananjay singh
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खुद पर आई आंच को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की छवि से जोड़ने का किया प्रयास

खुद पूर्व सांसद ने की है सीबीआई जांच की मांग, जबकि कांग्रेस न्यायिक जांच कराने का बना रही दबाव

वाराणसी, भदैनी मिरर। जानलेवा कोडीनयुक्त जहरीले कफ सिरप मामले में अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी, उसके कारनामे और जरायम जगत के अलावा सत्ताधारियों के करीबी होने का भांडा फूटने के बाद अब जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी पत्र के जरिए सामने आ गये है। गौरतलब है कि अमित सिंह टाटा के सांसद पर करीबी होने का पूर्व सांसद पर आरोप लगा है। उन्होंने मीडिया को जारी बयान में उनके और अमित सिंह टाटा से सम्बंधों को लेकर चल रही खबरों को भ्रामक और झूठा करार दिया है। साथ ही उन्होंने अपरोक्ष रूप से मीडिया को अर्दब में लेने की कोशिश की है। पूर्व सांसद ने उन पर उठ रहे सवालों को लेकर इसका ठीकरा कांग्रेस और विपक्षी दलों पर फोड़ने का प्रयास किया है। हालांकि इस प्रकरण में खुद पूर्व सांसद की छवि पर आंच आई है, लेकिन पत्र में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि खराब करने का प्रयास मान रहे हैं।   

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dhananjay singh Tata

इस प्रकरण में पूर्व सांसद की ओर से जारी बयान का मजबून इस प्रकार है-

नमस्ते प्रिय साथियों।

मुझे पता है कि कफ़ सिरफ़ के मुद्दे पर मेरे कुछ राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के मेरे बारे में भ्रामकता फैलाने का कृत्य किया है। इस सम्बन्ध में मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं कि प्रकरण काशी/वाराणसी से जुड़ा होने के कारण कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं के द्वारा झूठे आरोप लगाकर माननीय प्रधानमंत्री जी के छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रकरण की जांच राज्य सरकार द्वारा गहनता से विभिन्न एजेंसियों के द्वारा कराई जा रही है, जिससे प्रकरण की सत्यता सबके सामने आ जायेगी।
चूंकि यह मामला अंतर्राजीय है। अतः माननीय प्रधानमंत्री और माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि इस मामले की व्यापक जांच सीबीआई से कराई जाय, ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित हो और अनर्गल आरोपों और झूठी ख़बरों पर विराम लग सके। आप सभी को मैं यह भी बताना चाहता हूं कि इस सम्बन्ध में मैं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहा हूं, जिससे भ्रामक खबर चलवाने तथा राज्य सरकार की छवि धूमिल करने वालों का चेहरा उजागर हो सके।
धनंजय सिंह, पूर्व सांसद, जौनपुर

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dhananjay singh

आपको बता दें कि पूर्व सांसद ने यह पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस को भेजा है। अब इस पत्र के बाद सवाल यह उठता है कि वाराणसी के प्रहलाद घाट मोहल्ले का रहनेवाला कफ सिरप कांड का जिनपिंग शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा के सम्बंध नही थे। दूसरा यह कि अमित टाटा से पूर्व सांसद के सम्बंधों की बात बेबुनियाद है और मीडिया में आ रही खबरों का कोई आधार नही है? यही बनारस कचहरी में वकालत करनेवाले अमित सिंह टाटा की कहानी यहां के अधिवक्ताओं और जरायम जगत से जुड़े लोगों की जुबां पर हैं। सबसे बड़ा सवाल कि शुभम जायसवाल जिसके बारे में दुबई भागने की खबर प्रसारित हो रही है वह परिवार समेत भागा क्यों हैं? चर्चा तो यह भी है कि वह दुबई नही दक्षिण भारत में जाकर कही छिपा है और वहीं से अपने लोगों और प्रभावशाली व्यक्तियों के सम्पर्क में है। अहम सवाल तो यह है कि खुद पूर्व सांसद प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने एसआईटी जांच बैठाई है। जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह समेत विपक्ष के नेता एसआईटी जांच पर अविश्वास व्यक्त करते हुए न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार को न्यायिक जांच कराने में क्या दिक्कत आ रही है।  

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गौरतलब है कि पूर्व सांसद की छवि खुद गूगल लोगों को बता रहा है। दशकों से वह मीडिया की सुर्खियों में रहे हैं। गूगल बता रहा है कि धनंजय सिंह एक गैंगस्टर से राजनेता बने हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से दो बार विधायक और संसद सदस्य के रूप में कार्य किया। मार्च 2024 में, उन्हें अपहरण और जबरन वसूली के लिए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।

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