किसान की बहन से मिलने गया था फौजी, भाई ने विरोध किया तो साजिश के तहत कर दी अर्जुन सिंह की हत्या
औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र में 13 फरवरी की रात हुई थी हत्या, सेना का जवान भानु गिरफ्तार
पुलिस ने किया अर्जुन सिंह की हत्या का खुलासा, सात फरवरी को छुट्टी पर आया था जवान
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में वैलेंटाइन डे से एक दिन पहले किसान अर्जुन सिंह की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में सेना के जवान भानू चौहान को इटावा हाईवे प्रतापपुर पुल के नीचे से सोमवार की देर रात गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल बरामद कर लिया है। सेना के जवान भानु का किसान अर्जुन की बहन से प्रेम सम्बंध था। अर्जुन प्रेमिका से मिलने 13 फरवरी को उसके घर पहुंचा था। इस दौरान प्रेमिका के भाई अर्जुन ने विरोध किया। इसको लेकर विवाद भी हुआ था। इसी से नाराज होकर भानु ने रात में खेत में जाकर उसकी हत्या कर दी थी।



यह घटना औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र में हुई थी। अर्जुन सिंह की हत्या 13 फरवरी शुक्रवार की देर रात हुई थी। उस समय अर्जुन रोज की तरह फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत की रखवाली करने गया था। 14 फरवरी की सुबह गेहूं के खेत में उसका शव मिला। बताया जाता है कि 13 फरवरी की रात अर्जुन की हत्या के बाद फौजी भानु ने देर रात तीन बजे किसान अर्जुन के मोबाइल से उनके चेन्नई में रहने वाले भाई को फोन किया था। अज्ञात व्यक्ति बनकर बताया कि अर्जुन पर जंगली सूअर ने हमला कर दिया है। इसके बाद भाई ने परिवारवालों को फोन कर जानकारी दी तो परिजन खेत में पहुंचे। देखा तो लहूलुहान अर्जुन का शव पड़ा था। घटनास्थल पर कुल्हाड़ी, टूटी हुई टॉर्च और लाल मिर्च पाउडर का पैकेट बरामद हुआ। इससे परिवार को संदेह हो गया।

उन्होंने सोचा कि सूअर ने यदि हमला किया तो कुल्हाड़ी, लाल मिर्च पाउडर, टूटी हुई टार्च कैसे आई। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची। जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि अर्जुन की मौत सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई थी। पुलिस की जांच में सेना के जवान भानू पर संदेह गहराया। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर भानू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि भानू चौहान का मृतक अर्जुन की बहन से प्रेम संबंध था। वैलेंटाइन डे के दिन भानू प्रेमिका (अर्जुन की बहन) से मिलने उसके घर पहुंचा था। अर्जुन ने इस मुलाकात और उनके संबंधों का विरोध किया। इससे नाराज होकर भानू ने साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी। बताया जाता है कि भानू चौहान सिक्किम में तैनात था। वह सात फरवरी को गांव आया था।

