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फास्ट फूड के सेवन ने ले ली नीट की तैयारी कर रही छात्रा की जान

बर्गर व नूडल्स आदि का ज्यादा सेवन करती थी इलमा कुरैशी

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फास्ट फूड के साथ पत्तागाभी के जरिए दिमाग पर पहुंचा कीड़ा, बना दी थी गाठें

तमाम चेतावनियों के बावजूद फास्ट फूड को स्टेटस सिम्बल बनाती जा रही युवा पीढ़ी

अमरोहा। फास्ट फूड से सहेत को होनवाले नुकसान के तमाम सुझावों और चेतावनियां के बावजूद युवा पीढ़ी इससे दूर नही हो पा रही है। अब यह किसी की जरूरत बन गई है तो किसी के लिए स्टेटस सिम्बल। लेकिन इसकी चपेट में आकर कईयों की जान चली जा रही है तो कई गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। हाल ही में यूपी के अमरोहा में फास्ट फूड के सेवन से एक और मौत का मामला सामने आया है। नीट की तैयारी कर रही चुचैला कलां गांव की रहने वाली 19 वर्षीया छात्रा इलमा कुरैशी की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार की दोपहर मौत हो गई। 

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इस छात्रा के दिमाग में गांठे बन गई थीं। उसके परिवारवालों ने बताया कि इलमा कुरैशी का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया कि फास्ट फूड में प्रयोग की जाने वाली पत्ता गोभी के जरिए दिमाग में पहुंचे कीड़े ने गांठे बना ली थी। इलमा चुचैला कलां गांव के नदीम कुरैशी की बेटी थी। नदीम नोएडा में कबाड़ का काम करते हैं। पिता ने बताया कि बेटी को एक महीने पहले सिर दर्द की शिकायत हुई थी। इलाज कराने से उसको आराम मिल गया था। कुछ दिनों के बाद उसे फिर सिर दर्द हुआ ता उसे नोएडा के निजी में भर्ती कराया। चिकित्सक ने इलमा का एमआरआई और सीटी स्कैन कराया। जांच रिपोर्ट में इलमा के दिमाग में गांठ बताई गईं। लेकिन यहां भी कुछ दिन इलाज के बाद उसे आराम मिल गया। लेकिन 18 दिसंबर को परिवारिक शादी में शामिल होने गांव आई थी। यहीं उसका फिर तबीयत खराब हुआ। परिवार के लोग उसे दिल्ली ले गये और निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

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इलाज में काफी पैसे खर्च होने लगे और परिवार महंगा इलाज कराने में सक्षम नही था। तब पिता ने इलमा को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। यहां भी इलमा की हालत में सुधार के वजाय बिगड़ती गई। पिता ने बताया कि जांच में पता चला कि इलमा के दिमाग में गांठों की संख्या बढ़कर 20 से अधिक हो गई थी। आखिरकार सोमवार की दोपहर उसकी मौत हो गई। इसके बाद रोते-बिलखते परिवजन शव लेकर गांव पहुंचे। पिता ने बताया कि इलमा बर्गर व नूडल्स आदि का ज्यादा सेवन करती थी। पत्ता गोभी के कीड़े ने उसके दिमाग में गाठें बना दी थी। चिकित्सकों का कहना है कि नॉनवेज खानेवालों को भी इस तरह की परेशानी हो सकती है। पशुओं में भी इस तरह के कीड़े होते हैं। उनका मांस खाने वालों के भी दिमाग में कीड़े जानलेवा साबित हो सकते हैं। पत्ता गोभी के सेवन करने से उसमें मौजूद कीड़े आंतों के जरिए दिमाग में पहुंच जाते हैं। हालांकि समय पर उपचार होने से कुछ लोगों की जान बच गई। लेकिन इसके इलाज में थोड़ा समय लगता है। लोगों को अपना जान जोखिम में डालने के वजाय स्वास्थ्यवर्धक भोजन का प्रयोग करना चाहिए। 

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