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दुर्गा पूजा 2026: मिनी बंगाल बनेगी काशी, सनातन धर्म इंटर कॉलेज में स्थापित होगी UP की सबसे बड़ी 30 फीट की मां दुर्गा की प्रतिमा

काशी में 512 सार्वजनिक स्थानों पर सजेंगे पंडाल; बदरीनाथ, केदारनाथ और अंकोरवाट मंदिर की तर्ज पर बन रहे भव्य पंडाल, एलियन और नारी सशक्तीकरण थीम की प्रतिमाएं होंगी खास आकर्षण।

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भदैनी मिरर डेस्क: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में आगामी शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। नवरात्रि की सप्तमी से लेकर विजयादशमी तक चार दिनों के लिए संपूर्ण वाराणसी शहर 'मिनी बंगाल' के रूप में नजर आता है। पूरे देश में कोलकाता के बाद वाराणसी की दुर्गा पूजा अपनी भव्यता और अनूठी कलाकृतियों के लिए दूसरे स्थान पर मानी जाती है।

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केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अनुसार, इस वर्ष जिले में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 512 सार्वजनिक स्थानों पर मां भगवती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इनमें से 15 प्रमुख स्थानों पर भव्य और थीम आधारित पंडाल तैयार किए जा रहे हैं।

सनातन धर्म इंटर कॉलेज में स्थापित होगी 30 फीट ऊंची प्रतिमा

इस बार दुर्गा पूजा का सबसे बड़ा आकर्षण नई सड़क स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज में देखने को मिलेगा। यहां मां दुर्गा की 30 फीट ऊंची और 15 फीट चौड़ी प्रतिमा स्थापित की जा रही है, जिसे उत्तर प्रदेश में सबसे ऊंची प्रतिमा होने का दावा किया जा रहा है।

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  • बदरीनाथ मंदिर थीम: आयोजकों (कार्यवाहक अध्यक्ष सूरज जायसवाल) के अनुसार, यहां 60 फीट ऊंचा बदरीनाथ धाम की तर्ज पर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है।

  • इलेक्ट्रिक शो: पंडाल के भीतर 5 मिनट का विशेष इलेक्ट्रॉनिक शो दिखाया जाएगा, जिसमें मां गंगा, महादेव, नूतन बालक और मां भगवती के दिव्य दर्शन होंगे।

  • इको-फ्रेंडली प्रतिमा: पश्चिम बंगाल से आए 35 कुशल कारीगर बांस, पुआल और गंगाजी की शुद्ध मिट्टी से इस विशाल प्रतिमा को अंतिम रूप दे रहे हैं।

अंकोरवाट और केदारनाथ की तर्ज पर सजेंगे पंडाल

  • हथुआ मार्केट (प्रीमियर बॉयज क्लब): यहां कंबोडिया के प्रसिद्ध अंकोरवाट स्थित विष्णु मंदिर के प्रारूप पर 80 से 90 फीट ऊंचा पंडाल बनाया जा रहा है। इसका 90% कार्य पूरा हो चुका है। यहां भी 3-4 मिनट का इलेक्ट्रिक शो मुख्य आकर्षण होगा।

  • शिवपुर मिनी स्टेडियम: यहां बाबा केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति के रूप में पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है।

  • पांडेयपुर (खजुरी रोड): काशी शारदीय उत्सव समिति के अध्यक्ष तुषार दुबे के अनुसार, मुख्य द्वार पर आदियोगी शिव की 30 फीट की प्रतिमा होगी और भीतर महिषासुर वध करती 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा विराजेंगी।

  • मैदागिन (टाउन हॉल): सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज को तलवार भेंट करती हुई मां दुर्गा की भव्य केमिकल-रहित इको-फ्रेंडली प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यहां रोजाना शाम को 3 घंटे शास्त्रीय संगीत का गायन-वादन होगा।

एलियन से लेकर नारी सशक्तीकरण थीम तक की झलक

काशी के मूर्तिकारों ने इस बार पारंपरिक आस्था के साथ-साथ आधुनिक और समसामयिक विषयों का अनूठा संगम पेश किया है:

  • चेतगंज (विद्यार्थी स्पोर्टिंग क्लब): यहां मां दुर्गा को 'एलियन' स्वरूप में दर्शाया गया है।

  • नवाबगंज (दुर्गाकुंड): अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के स्वरूप से प्रेरित प्रतिमा बनाई जा रही है।

  • तुलसीपुर (गोल्ड स्पोर्टिंग क्लब): इलेक्ट्रॉनिक झांकी के जरिए नारी सशक्तीकरण का संदेश दिया जाएगा, जिसमें शिक्षिका रूपी दुर्गा मंच पर छेड़खानी करने वाले असामाजिक तत्वों का वध करती दिखाई देंगी।

  • अन्य आकर्षण: जगतगंज में समसामयिक घटनाओं पर आधारित शो, वरुणा पुल पर मां दुर्गा को बनारसी हैंडलूम साड़ी में सजाया जाएगा, वहीं पान दरीबा में हाई-टेक भूत बंगला और गीता मंदिर में असुर वध का जीवंत दृश्य देखने को मिलेगा।