UP SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: करीब 3 करोड़ नाम कटे, बिहार से भी बड़ी छंटनी
एसआईआर प्रक्रिया के बाद यूपी में 18.70% मतदाता सूची से बाहर, 6 फरवरी तक दर्ज करा सकते हैं दावा-आपत्ति
डिजिटल डेस्क, भदैनी मिरर। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में रिकॉर्ड स्तर पर नाम कटने का मामला सामने आया है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यूपी में करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जो बिहार की ड्राफ्ट सूची से भी अधिक है।



एसआईआर के बाद कितने बचे मतदाता
मंगलवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि एसआईआर से पहले यूपी में 15.44 करोड़ मतदाता थे। पुनरीक्षण के बाद 2.89 करोड़ नाम काटे गए। अब ड्राफ्ट मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
सीईओ के अनुसार, ड्राफ्ट सूची में कुल 18.70 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

किन कारणों से कटे नाम
निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक हटाए गए नामों में-46.23 लाख मृत मतदाता थे, 2.17 करोड़ स्थानांतरित मतदाता, 25.47 लाख डुप्लीकेट वोटर और 79.52 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
6 फरवरी तक कर सकते हैं दावा-आपत्ति
सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि चुनाव आयोग ने घर-घर जाकर गणना अभियान चलाया था, जिसमें मतदाताओं या उनके परिजनों को फॉर्म भरकर सत्यापन करना था। यह प्रक्रिया मूल रूप से 11 दिसंबर को समाप्त होनी थी, लेकिन बड़ी संख्या में नाम कटने की आशंका को देखते हुए राज्य ने 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था।
उन्होंने बताया कि-6 फरवरी तक मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। 27 फरवरी तक सभी दावे-आपत्तियों का निस्तारण होगा और 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

लखनऊ में सबसे ज्यादा नाम कटे
सीईओ के अनुसार जिलावार आंकड़ों में-
- लखनऊ: 12 लाख
- प्रयागराज: 11.56 लाख
- कानपुर नगर: 9 लाख
- आगरा: 8.36 लाख
- गाजियाबाद: 8.18 लाख
- बरेली: 7.14 लाख
- मेरठ: 6.65 लाख
- गोरखपुर: 6.45 लाख
- सीतापुर: 6.23 लाख
- जौनपुर: 5.89 लाख
मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।
कौन सा फॉर्म भरें
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है—
- नया मतदाता बनने के लिए: फॉर्म-6
- नाम सुधार या स्थान परिवर्तन के लिए: फॉर्म-8
- मृत या स्थानांतरित सदस्य का नाम हटाने के लिए: फॉर्म-7
सीईओ ने बताया कि अब तक 15.78 लाख नए मतदाताओं ने पंजीकरण के लिए फॉर्म भरा है।
