Movie prime
PMC_Hospital

Deoria: स्कूल में बच्चों के सामने 'महाभारत', हेडमास्टर को डंडा लेकर दौड़ाने वाला सहायक अध्यापक सस्पेंड, प्रधानाध्यापिका पर भी गिरी गाज

गौरीबाजार संविलियन विद्यालय का मामला: गाली-गलौज और मारपीट के आरोप के बाद BSA की बड़ी कार्रवाई; दो सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर हुआ एक्शन।

Ad

 
oijnl
WhatsApp Group Join Now

Ad

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरीबाजार विकास खंड से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक संविलियन विद्यालय में महिला प्रभारी प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) और सहायक अध्यापक के बीच बच्चों और पूरे स्टाफ के सामने जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। आरोप है कि सहायक अध्यापक ने महिला हेडमास्टर को पीटने के लिए डंडा उठा लिया और उन्हें दौड़ा लिया।

Ad
Ad

इस शर्मनाक मामले की गूंज जब बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) तक पहुंची, तो उन्होंने तत्काल जांच कमेटी बिठाई। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने आरोपी सहायक अध्यापक को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है, जबकि अनुशासनहीनता और अशोभनीय भाषा के इस्तेमाल के लिए महिला प्रधानाध्यापक को भी 'प्रतिकूल प्रविष्टि' दी गई है।

Ad

 "सहयोगियों ने किसी तरह बचाई मेरी जान"

भदैनी मिरर को मिली शिकायत प्रति के अनुसार, महिला प्रभारी प्रधानाध्यापक ने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को लिखित शिकायत देकर बताया था कि 30 अप्रैल की सुबह करीब 8 बजे स्कूल स्टाफ, बच्चों और रसोइयों के सामने सहायक अध्यापक ने अचानक आपा खो दिया। वह मां-बहन की गालियां देते हुए उन्हें मारने के लिए डंडा लेकर दौड़े। महिला शिक्षिका के मुताबिक, स्कूल के अन्य शिक्षकों ने बीच-बचाव कर किसी तरह उनकी जान बचाई, वरना स्कूल परिसर में ही कोई अनहोनी हो जाती।

Ad

 पलटवार: वित्तीय गड़बड़ी और हाजिरी रजिस्टर का विवाद

दूसरी ओर, आरोपी सहायक अध्यापक ने भी अनुदेशक के हस्ताक्षर वाले शिकायती पत्र के जरिए अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया था। सहायक अध्यापक का आरोप था कि:

  • महिला प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय में वित्तीय अनियमितता और शासनादेशों का उल्लंघन किया जा रहा था।

  • 30 अप्रैल की सुबह जब उन्होंने कक्षा 7 का अटेंडेंस रजिस्टर (उपस्थिति पंजिका) मांगा, तो प्रधानाध्यापक ने देने से इनकार कर दिया और बच्चों के सामने चिल्लाकर उन्हें बेइज्जत किया। इसी बात को लेकर दोनों में सिर्फ कहासुनी हुई थी।

 दो सदस्यीय कमेटी की जांच में खुली पोल

मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 मई को बैतालपुर के बीईओ जयराम और बीईओ गोपाल मिश्रा की दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। 8 जून को दोनों पक्षों की लिखित और मौखिक दलीलें सुनने तथा गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद कमेटी ने पाया कि स्कूल परिसर में बच्चों के सामने दोनों ही पक्षों ने अभद्र और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया था, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई।

"विद्यालय परिसर में स्टाफ और छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में इस तरह का अमर्यादित व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सहायक अध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और 15 दिन के भीतर विस्तृत जांच आख्या मांगी गई है।"डॉ. मौर्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), देवरिया

बीएसए डॉ. मौर्य की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से पूरे जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल निलंबित शिक्षक को विभागीय जांच का सामना करना होगा, जिसके बाद आगे की दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।