कानपुर में डांसर के ठुमकों पर बेकाबू हुई भीड़, नशेबाजों ने मचाया उत्पात, पुलिसकर्मी भी हुए चोटिल
बिकरू कांड की ताजा हुई यादें: खेतों में दौड़ाकर पीटा
भदैनी मिरर, कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित नवाबगंज के गंगा कटरी (बनियापुरवा गांव) में शनिवार रात एक धार्मिक मेला अखाड़े में तब्दील हो गया। काली माता मंदिर के वार्षिक मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान महिला डांसरों के मंच पर चढ़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों को घेरकर खेतों तक दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिसमें एक सिपाही और एक पीएसी (PAC) जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।


मंच पर नशेबाजों की मनमानी, फिर पुलिस से भिड़ंत
जानकारी के मुताबिक, मेले में देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे थे। जैसे ही भोजपुरी गानों पर महिला डांसरों ने ठुमके लगाने शुरू किए, वहां मौजूद नशेबाजों की एक टोली बेकाबू हो गई। भीड़ मंच (स्टेज) पर चढ़ने की कोशिश करने लगी और महिला कलाकारों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। आयोजकों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो नशेबाजों ने पुलिस के साथ ही धक्का-मुक्की शुरू कर दी।

बिकरू कांड की ताजा हुई यादें: खेतों में दौड़ाकर पीटा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति तब बिगड़ी जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी का प्रयोग किया। आरोप है कि लाठी लगने से एक ग्रामीण का सिर फट गया, जिससे लोग उग्र हो गए। इसके बाद सैकड़ों की भीड़ पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ी। अराजक तत्वों ने पीएसी जवान विजय सिंह को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा और अन्य पुलिसकर्मियों को खेतों की तरफ खदेड़ दिया। गांव में मचे इस बवाल ने एक बार फिर कानपुर के चर्चित 'बिकरू कांड' की भयावह यादें ताजा कर दीं।

खुफिया तंत्र की विफलता और भारी भीड़
आयोजकों ने प्रशासन से सीमित भीड़ की अनुमति ली थी, लेकिन मौके पर करीब 4 से 5 हजार लोग जुट गए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की बदतमीजी और लाठी चलाने से ग्रामीण भड़के, जबकि पुलिस का कहना है कि नशेबाजों ने पहले हमला किया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें एक घायल युवक पुलिस पर आरोप लगा रहा है (हालांकि भदैनी मिरर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता)।
भारी फोर्स ने संभाला मोर्चा
बवाल की सूचना मिलते ही कई थानों की फोर्स और सर्किल के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़कर कार्यक्रम बंद कराया। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
