UP में अपराध का ग्राफ : बेटी और दामाद जज और पिता की सरेशाम गोली माकर कर दी गई हत्या
साला ही निकला हत्यारा, दस लाख रूपये मांग रहा था रंगदारी
दूसरे साले के साथ नमाज पढ़ने जा रहे थे मो. असद, तभी हुई वारदात
मुरादाबाद। मुरादाबाद में बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात आसमा सुल्ताना के पिता और शहर की मशहूर अलवीना बेकरी के संचालक मो. असद (62) की उसके साले ने दस लाख रुपये रंगदारी नहीं देने पर गोली मारकर हत्या हत्या कर दी। साला हिस्ट्रीशीटर है। हत्या तब की गई जब वह अपने दूसरे साले के साथ तरावीह की नमाज पढ़ने जा रहे थे। मुरादाबाद के नागफनी थाने के बंगला गांव चौराहे पर हुई इस सनसनीखेज घटना से सनसनी फैल गई।


पुलिस की जांच में यह सामने आ चुका है कि इस हत्याकांड को मो. असद के हिस्ट्रीशीटर साले जफर ने अंजाम दिया है। जफर लंबे समय से दस लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा था। रकम नहीं मिलने पर उसने हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस और एसओजी टीम हत्यारोपी की तलाश कर रही है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि सिविल लाइंस के जिगर कॉलोनी निवासी मो. असद अलवीना बेकरी के मालिक थे। परिवार में पत्नी मजहर सुल्ताना, एक बेटा अरीब और तीन बेटियां आसमा सुल्ताना, निशा और रूमा हैं। बेटी आसमा सुल्ताना और लाजपत नगर निवासी दामाद मोहम्मद जुल्करनैन आलम आलम जज हैं। दोनों बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात हैं।


शुक्रवार की शाम सवा सात बजे मो. असद साले नागफनी के डहरिया निवासी मुजाहिद के साथ स्कूटी से लाल मस्जिद में तरावीह की नमाज पढ़ने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि अभी इनकी स्कूटी नागफनी क्षेत्र में जिगर कॉलोनी रोड पर बंगला गांव चौराहे के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान पीछे से मो. असद का साला जफर बाइक से आ गया। बाइक कोई दूसरा व्यक्ति चला रहा था। उसने बाइक स्कूटी के बराबर में लगा दी। जबतक मो. असद और मुजाहिद कुछ समझ पाते, इससे पहले ही बाइक पर पीछे बैठे जफर ने असद के सिर में पिस्टल सटाकर गोली मार कर दी। मो. असद स्कूटी से गिर गए और मुजाहिद भी लड़खड़ाकर सड़क गिरे। व्यस्ततम चौराहे पर सरेशाम हुई इस घटना से अफरातफरी मच गई।

व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर बंद कर लिये। इसके बाद हत्यारोपित जफर और उसका साथी बंगला गांव की ओर भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस घायल मो. असद को जिला अस्पताल गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आपको बता दें कि आरोपित और उनके साले जफर ने कुछ दिन पहले ही मो. असद से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में मझोला थाने में रिपोर्ट भी दर्ज है। इसके अलावा जफर का अपने भाई मुजाहिद से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। यह दोनों मामले उनकी हत्या के कारण बने।
