Crime: बाहुबली विजय मिश्र के पूरे परिवार को जेल, पत्नी-बेटे को 10-10 साल और बहू को मिली 4 साल की सजा
रिश्तेदार की संपत्ति हड़पने के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला; 5.26 लाख का लगा अर्थदंड
भदोही (भदैनी मिरर): भदोही की ज्ञानपुर सीट से पूर्व विधायक और बाहुबली विजय मिश्र के साम्राज्य पर कानून का शिकंजा और कस गया है। शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए विजय मिश्र, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को रिश्तेदार की संपत्ति हड़पने के जुर्म में 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने विजय मिश्र की बहू रूपा मिश्रा को भी इसी मामले में 4 साल की कैद की सजा सुनाई है।


क्या था पूरा मामला? 2020 में दर्ज हुआ था मुकदमा
इस मामले की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। गोपीगंज थाना क्षेत्र के धनापुर दक्षिणी गांव निवासी कृष्ण मोहन तिवारी ने आरोप लगाया था कि विजय मिश्र ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर उन्हें बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी देकर जबरन उनकी पैतृक चल-अचल संपत्ति को अपने बेटे विष्णु मिश्रा के नाम करने के लिए वसीयत तैयार करवाई थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने विजय मिश्र, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

कोर्ट का सख्त रुख: विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) पुष्पा सिंह ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए दोषियों पर कुल 5.26 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी अर्थदंड जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एक हफ्ते में विजय मिश्र को दूसरा बड़ा झटका
बाहुबली विजय मिश्र के लिए यह सप्ताह "न्याय का काल" साबित हो रहा है।
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बुधवार को उम्रकैद: इससे पहले बुधवार को ही प्रयागराज की अदालत ने 46 साल पुराने प्रकाश नारायण पांडेय हत्याकांड में विजय मिश्र को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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शुक्रवार को 10 साल की जेल: अब संपत्ति हड़पने के मामले में फिर से 10 साल की सजा ने विजय मिश्र की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
बता दें कि विजय मिश्र पहले से ही दुष्कर्म के एक मामले में सजा काट रहे हैं, वहीं उनका बेटा विष्णु मिश्रा अवैध असलहा बरामदगी के मामले में जेल में निरुद्ध है।
सजा का विवरण और जुर्माना:
कोर्ट द्वारा दोषियों पर लगाए गए जुर्माने का विवरण इस प्रकार है:

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विजय मिश्र: 10 वर्ष की सजा + 1.76 लाख रुपये जुर्माना।
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रामलली मिश्रा (पत्नी): 10 वर्ष की सजा + 1.75 लाख रुपये जुर्माना।
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विष्णु मिश्रा (बेटा): 10 वर्ष की सजा + 1.65 लाख रुपये जुर्माना।
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रूपा मिश्रा (बहू): 4 वर्ष की सजा + 10 हजार रुपये जुर्माना।
46 साल पुराने हत्याकांड में भी मिली है उम्रकैद
बुधवार को कचहरी परिसर में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि हालांकि मामला 'विरल से विरलतम' श्रेणी में नहीं आता, लेकिन न्याय के मंदिर में हुई इस वारदात के लिए उम्रकैद की सजा देना उचित है। अभियोजन पक्ष ने कड़ी पैरवी करते हुए आरोपियों के लिए कठोरतम सजा की मांग की थी।
