मथुरा: महिला का वेश धारण कर घर में घुसे दरिंदे को फांसी की सजा, रेप में नाकाम होने पर पीड़िता को जिंदा जलाया था
महज 14 महीने के भीतर दोषी उमेश को मिली मौत की सजा, साड़ी पहनकर घर में घुसा था आरोपी
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद से न्याय की एक बड़ी मिसाल सामने आई है। यहाँ की जिला अदालत ने एक विवाहिता को जिंदा जलाकर मारने वाले दरिंदे उमेश को फांसी की सजा सुनाई है। जिला जज विकास कुमार की अदालत ने मंगलवार को इस जघन्यतम मामले में फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि दोषी को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।


साड़ी पहनकर रची थी खौफनाक साजिश
यह रूह कंपा देने वाली घटना 11 मार्च 2025 को फरह थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। हरियाणा के पलवल निवासी उमेश ने घिनौनी साजिश के तहत महिला का वेश धारण किया और साड़ी पहनकर विवाहिता के घर में घुस गया। उस समय महिला घर में अकेली टीवी देख रही थी, जबकि उसके पति खेत पर और बच्चे स्कूल गए हुए थे।

विरोध करने पर बना दिया 'जिंदा मशाल'
आरोपी उमेश अपने साथ बोतल में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आया था। कमरे में घुसकर उसने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब बहादुर महिला ने इसका कड़ा विरोध किया, तो हैवान बने उमेश ने उस पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर आग लगा दी। चीख-पुकार सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो आरोपी छत से कूदकर भागने की कोशिश में घायल हो गया, जिसे बाद में पुलिस ने दबोच लिया।

अस्पताल में हुई थी महिला की मौत
गंभीर रूप से झुलसी महिला को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उमेश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मामला मानते हुए फांसी की सजा का ऐलान किया।
इंसाफ की जीत
मथुरा की इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। महज 14 महीने के भीतर आए इस फैसले ने जनता के बीच कानून के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। भदैनी मिरर के माध्यम से कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फैसलों से समाज के अपराधियों में कड़ा संदेश जाएगा।
