Movie prime
Ad

इस्तीफा देनेवाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने डीएम आवास में अपने को बंधक बनाने का लगाया गंभीर आरोप

इस्तीफे की खबर पाकर पहुंचे अखंड भारत गौरव ट्रस्ट के संस्थापक अनिल मुनि, मीडिया के सामने उतार दिये कपड़े

Ad

 
alankar agnihotri
WhatsApp Group Join Now

Ad

कहा-आज सवर्ण समाज के कपड़े उतर गये, पीड़ा में हैं अलंकार अग्निहोत्री, तभी सरकारी पद से दिया इस्तीफा

बरेली। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद प्रशासनिक महकमे से लगायत राजनीतिक हलके में खलबली मच गई है। अलंकार अग्निहोत्री को मानाने की सोमवार की रात तक कोशिशें हुई। लेकिन बात नही बनी। उधर, डीएम से वार्ता के बाद अलंकार अग्निहोत्री बाहर निकले। उन्होंने अपने को डीएम आवास में बंधक बनाये जाने और एक अधिकारी को फोन पर उन्हें अपशब्द कहने का गंभीर आरोप लगाया है। 

Ad
Ad

इस्तीफा देकर चर्चा में आये सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री शाम को डीएम आवास पर पहुंचे। वहां करीब एक घंटा तक रहे। इसके बाद बाहर निकले तो अलंकार अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि डीएम ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया था। वहां वह 45 मिनट तक बंधक रहे। मैंने सचिव दीपक पांडेय को फोन किया और बताया कि मुझे बंधक बनाकर रखा हुआ है। जब मैंने इनको कॉल कर दिया और बात आला अधिकारियों तक पहुंच गई तो छोड़ दिया गया। अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें रातभर बंधक बनाने के लिए षड़यंत्र रचा गया था। इस दौरान लखनऊ से डीएम के मोबाइल पर लखनऊ के एक अधिकारी का कॉल आया। फोन का स्पीकर ऑन था। इसी दौरान लखनऊ के संबंधित अधिकारी ने अपशब्द कहे। 

Ad

इधर, अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे की खबर मिलने पर अखंड भारत गौरव ट्रस्ट के संस्थापक अनिल मुनि भी सिटी मजिस्ट्रेट के बंगले पर पहुंच गये। उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर बोले। गुस्से में आकर उन्होंने मीडिया के कैमरों के सामने ही अपने कपड़े तक उतार दिए। अर्धनग्न अवस्था में अनिल मुनि तिलमिलाये हुए थे। कहाकि हमने सरकार को समर्थन दिया है और हम समर्थन वापस भी लेना जानते हैं। अपने अर्धनग्न अवस्था को दिखाते हुए कहाकि आज सवर्ण समाज के कपड़े उतर गए हैं। यूजीसी बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में कोई कानून पास होता है तो हंगामा मच जाता है, लेकिन इस बिल पर किसी ने कुछ नहीं बोला। अलंकार अग्निहोत्री को जरूर ठेस पहुंची है। तभी तो उन्होंने सरकारी पद से इस्तीफा दिया है। उनकी पीड़ा को समझा जाना चाहिए। उधर, डीएम आवास में बंधक बनाने और अपशब्द की बात पर बरेली के अविनाश सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को बंधक बनाने की बात पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। सामान्य तरीके से उन्हें समझने का प्रयास किया गया। अन्य कोई बात नहीं है। 

Ad

गौरतलब है कि यूजीसी बिल और प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों संग प्रशासनिक दुर्व्यवहार से दुखी होकर सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा उन्होंने सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाये। उनके इस्तीफे की खबर देख की मीडिया की सुर्खियों आ चुकी है। 
 

Ad