चंदौली फायर सर्विस स्टेशन का रिश्वतखोर मुंशी राजकमल घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, विजिलेंस टीम की कार्रवाई
बिना घूस के किसी को नही जारी होती थी एनओसी
गिरफ्तारी के दौरान कांस्टेबल राजकमल ने किया भागने का प्रयास
वाराणसी, भदैनी मिरर। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने गुरूवार को चंदौली फायर सर्विस के कांस्टेबल राजकमल को 10 हजार रूपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। राजकमल फायर सर्विस कार्यालय में मुंशी है। आरोप है कि वह बिना घूस लिये कोई काम करने को तैयार नही होता था। वैसे तो घूस लेने के आरोप इसी विभाग के कुछ और अधिकारियों पर है लेकिन अभी मुंशी पकड़ा गया है। आपको बता दें कि शुक्रवार को ही वाराणसी महिला थाने की प्रभारी सुमि़त्रा देवी और उनकी कारखास कांस्टेबल अर्चन को एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रूपये घूस लेते गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वाराणसी और चंदौली के अलावा यूपी के थानों में जीरो टॉलरेंस की नीति का क्या हाल है।


छापेमारी की कार्रवाई चंदौली जिले के अग्निशमन विभाग में हुई। बिजिलेंस टीम को सूचना मिल रही थी कि अग्निशमन अधिकारी के कार्यालय में अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अग्निशमन सुरक्षा एवं एनओसी जारी करने के नाम पर भारी रिश्वत ली जा रही है। इसके बाद सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने मुगलसराय अग्निशमन अधिकारी कार्यालय पर छापा मारा। गिरफ्तारी के दौरान मुंशी ने विरोध करना शुरू कर दिया और भागने की कोशिश की।

लेकिन टीम ने उसे दौड़ाकर धर दबोचा। टीम घूसखोर मुंशी अपने साथ वाराणसी लेकर चली गई। बाद में उससे पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। चर्चा है कि चंदौली अग्निशमन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। थानों का भी कमोवेश यही हाल है। बगैर चढ़ावा चढ़ावे के अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलता। चढ़ावा जरूरी है तभी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी होगा, भले ही वह मानक के अनुरूप हो या न हो।

