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पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर जल्द फैसला करे CAT, इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्देश

लखनऊ बेंच ने 2021 से लंबित मामले पर दिया सख्त आदेश; कोर्ट ने कहा- 'बिना किसी अनावश्यक स्थगन के जल्द से जल्द सुनाया जाए अंतिम फैसला'

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भदैनी मिरर (लीगल/क्राइम डेस्क): इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT), लखनऊ बेंच को पूर्व आईपीएस (IPS) अधिकारी अमिताभ ठाकुर की अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) के खिलाफ लंबित याचिका पर जल्द से जल्द फैसला सुनाने का कड़ा निर्देश दिया है। यह मामला वर्ष 2021 से ट्रिब्यूनल के पास विचाराधीन है।

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हाईकोर्ट के जस्टिस जसप्रीत सिंह की एकल पीठ ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

'अनावश्यक तारीखें दिए बिना हो अंतिम फैसला'

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने अपने अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर और दीपक कुमार के माध्यम से हाईकोर्ट का रुख कर मार्च 2021 में मिली अनिवार्य सेवानिवृत्ति के खिलाफ CAT में लंबित अर्जी के शीघ्र निस्तारण की गुहार लगाई थी।

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सुनवाई के दौरान भारत सरकार (Union of India) के वकील ने भी अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि मामले के जल्द निपटारे का आदेश जारी करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

तमाम तथ्यों पर गौर करने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि इस याचिका को लंबित रखने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अदालत ने CAT को सख्त हिदायत दी कि:

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  1. जल्द निस्तारण: ट्रिब्यूनल दोनों पक्षों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देते हुए बिना कोई अनावश्यक स्थगन (Adjournment) दिए मामले पर शीघ्र अंतिम निर्णय ले।

  2. गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं: हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के मेरिट या गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है, और संबंधित ट्रिब्यूनल कानून के अनुसार निष्पक्ष निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है।

क्या है अमिताभ ठाकुर का मामला?

गृह मंत्रालय ने मार्च 2021 में जनहित और सेवा में अनुपयुक्तता का हवाला देते हुए 1992 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को समय से पहले ही अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। इस फैसले को असंवैधानिक और मनमाना बताते हुए उन्होंने CAT (केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण) लखनऊ के समक्ष चुनौती दी थी।

मामले के वर्षों से लंबित रहने के कारण उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी, जहां से अब ट्रिब्यूनल को समयबद्ध निर्णय लेने का आदेश प्राप्त हुआ है।

साभार- पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की अनिवार्य रिटायरमेंट के खिलाफ चुनौती पर जल्द फैसला करे CAT: इलाहाबाद हाईकोर्ट