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बुलंदशहर : डेढ़ साल के मासूम की हत्या कर शव को संदूक में छिपा दिया, पड़ोसी निकला कातिल

नित्यानंदपुर नंगली गांव में घर के बाहर खेलते समय अचानक गायब हो गया था माधव

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हत्यारा परिवार के साथ बच्चे को खोजने का करता रहा नाटक, संदूक से जब लाश निकली तो लोगों का रूह कांप गया

बुलंदशहर। बुलंदशहर के नरसेना थाना इलाके के नित्यानंदपुर नंगली गांव में मंगलवार शाम रहस्यमय ढंग से लापता डेढ़ साल के मासूम माधव की पड़ोसी ने हत्या कर दी। पड़ोसी का नाम अंकुर है और उसने मासूम को गला दबाकर मारने के बाद शव को घर में रखे संदूक में रजाई के अंदर छिपा दिया था। ताकि घटना का किसी को पता न चल सके और बाद में वह शव को ठिकाने लगाकर बच जाय। यही नही जब परिवार के लोग अपने बच्चे की तलाश कर रहे थे तो यह हत्यारा उनके साथ मदद का नाटक कर रहा था। 

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जानकारी के अनुसार नित्यानंदपुर नंगली गांव में मंगलवार की शाम मासूम माधव बाहर खेल रहा था। इसी दौरान अचानक वह गायब हो गया। पिता पुष्पेंद्र और उनकी पत्नी बच्चे को तलाशने लगे। इस दौरान हत्यारा अंकुश उनके साथ लगा रहा। माता-पिता बिलखते रहे और सबसे बच्चे के बारे में पूछते रहे। काफी देर तक जब उसका कोई पता नही चला तो पिता ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस पहुंची और परिवारवालों के अलावा आसपास के लोगों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को पड़ोसी अंकुश के हावभाव पर संदेह हो गया। इसके बाद पुलिस अंकुश के घर चलने को तैयार हुई।

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तब अंकुश टालमटोल करने लगा। पुलिस नही मानी और अंकुश के घर पहुंची। अंकुश ने दरवाजा खोल दिया। उसे भरोसा था कि उसने बच्चे को ऐसी जगह छिपा दिया है कि कोई वहां तक नही पहुंच पायेगा। अचानक पुलिस की निगाह घर के कोने में रखे पुराने संदूक पर पड़ीं। पुलिस ने संदूक खोला और रजाई हटाई तो बच्चे की लाश देख लोगों की रूह कांप गई। मासूम की लाश रजाई के नीचे सिकुड़ा हुआ पड़ा था। पुलिस ने अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। बच्चे के पिता पुष्पेंद्र किसान हैं। पुलिस ने हत्यारे अंकुश को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस खौफनाक वारदात से गांव में सन्नाटा पसर गया है। पुलिस हत्यारे से पूछताछ कर हत्या की असली वजह जानना चाहती है। हालांकि वह  रह-रहकर अपने बयान बदल रहा है। हत्यारे अंकुश के पिता दिव्यांग हैं और उसकी मां ने दस साल पहले दूसरी शादी कर ली थी। वह गांव में बड़े भाई, दिव्यांग पिता और 80 वर्षीय दादी के साथ रहता है। 

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