प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी, ग्रामीणों ने पकड़ कर करा दिया निकाह
ग्रामीणों ने कहा-चोरी छिपे मिलने का झमेला खत्म, नकदी देकर कर दी विदाई
प्रेमिका के परिवार के लोग गये थे मेरठ, तीन दोस्तों के साथ मिलने पहुंचा था प्रेमी
दोस्त तो मौका पाकर भाग निकले, लेकिन प्रेमी को करना पड़ा निकाह
मेरठ। मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के इकला रसूलपुर में गांव में मंगलवार की देर रात अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचे प्रेमी को गांव वालों ने घेरकर पकड़ लिया। इस दौरान प्रेमी संग पहुंचे उसके तीन साथी किसी तरह वहां से बचकर भाग निकले। ग्रामीणों ने लड़का और लड़की पक्ष को मौके पर बुलाया। घंटों चली पंचायत और आनाकानी के बीच मामला पुलिस तक पहुंचता, इससे पहले दोनों पक्ष राजी हुए। आनन-फानन में तैयारियां की गई। रात में ही दोनों का निकाह कराया गया। फिर दूल्हे को नकदी देकर दुल्हन के साथ विदाई भी कर दी गई। गांव वालों का कहना था कि रोज-रोज चोरी-चोरी मिलने का झमेला ही खत्म कर दिया। यह शादी क्षेत्र में चर्चा में है।


जानकारी के अनुसार मंगलवार की शाम मवाना के गाढ़ा चौक मोहल्ला का अलफाज अपने तीन साथियों के साथ प्रेमिका के इकला रसूलपुर गांव आया था। प्रेमिका के परिवार के लोग आंखों की जांच कराने मेरठ गए थे। हालांकि इससे पहले भी चोरी छिपे प्रेमी और प्रेमिका मिलते रहे और इसकी भनक पड़ोसियों के जरिए गांव के लोगों को हो चुकी थी। इस बार प्रेमिका के परिवारवाले मेरठ गये तो प्रेमिका ने प्रेमी को बता दिया था। मौका अच्छा देख प्रेमी तीन दोस्तों के साथ मिलने पहुंच गया। प्रेमी को प्रेमिका से मिलने घर में जाते हुए ग्रामीणों ने देख लिया। इस बार तो ग्रामीणों ने चोर छिपे मिलन का झमेला खत्म करने की ठा ली थी। ग्रामीणों ने प्रेमी और प्रेमिका को रंगेहाथ पकड़ लिया। इस बीच प्रेमी के तीन साथी चकमा देकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने प्रेमी अलफाज से पूछताछ की। दोनों ने कबूल किया कि वह एक-दूसरे को बहुत प्यार करते हैं।

इसके बाद ग्रामीणों ने फोन कर दोनों के परिजनों को मौके पर बुला लिया। देर रात युवक के परिजन भी गांव पहुंच गये। अब ग्रामीणों ने कहा कि दोनों का निकाह कराया जाएगा। लेकिन युवक के पक्ष के लोग मामले से पल्ला झाड़ने लगे। उन्हें टालमटोल करते देख युवती के परिजन व ग्रामीण निकाह पढ़ाने की बात पर अड़ गए। मामला पुलिस तक ले जाने की बात कह दी। काफी देर तक पंचायत चलती रही। ग्रामीणों ने कहाकि जब दोनों आपस में प्यार करते हैं तो निकाह कराने में क्या दिक्कत है। आखिरकार दोनों पक्षों में समझौता हो गया। दुल्हन को मेंहदी लगाई गई, शादी का जोड़ा पहनाया गया। फिर परिजनों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में दोनों को मौलाना ने निकाह पढ़ाया। निकाह की रस्में निभाई गईं। इसके बाद दुल्हन की विदाई के समय दूल्हे को नकदी देकर रुख्सत किया गया। ग्राम प्रधान पति शरीफ ने बताया कि लड़के पक्ष ने निकाह के लिए कुछ समय मांगा, मगर लड़की पक्ष ने मोहलत देने से इंकार कर दिया। बात न मानने पर पुलिस में जाने की चेतावनी दी। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमती से निकाह करा दिया गया।

