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यूपी में कालाबाजारी पर सख्ती: 5813 छापे, 86 FIR दर्ज, 11 गिरफ्तार; LPG-पेट्रोल-डीजल सप्लाई नियंत्रण में

CM योगी के निर्देश पर एक्शन मोड में प्रशासन, 12 LPG वितरकों पर केस; 24×7 कंट्रोल रूम से निगरानी, उपभोक्ताओं को समय पर मिल रही रिफिल

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लखनऊ, 17 मार्च। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर प्रदेशभर में कालाबाजारी और अवैध बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 12 से 17 मार्च के बीच 5813 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई।

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इस अभियान के दौरान कालाबाजारी में संलिप्त 12 एलपीजी वितरकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जबकि अन्य 74 व्यक्तियों पर भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। कुल मिलाकर 86 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कार्रवाई के दौरान 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया, वहीं 85 लोगों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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प्रशासन की इस सख्ती के बीच राहत की बात यह है कि प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रदेश के 4108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर मौजूद हैं और जरूरत के अनुसार सप्लाई की जा रही है।

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वहीं, वाणिज्यिक सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा कुल खपत का 20 प्रतिशत आवंटन भी जारी किया गया है, जिससे बाजार में संतुलन बना हुआ है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं बनने दी जा रही है।

पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जा रहा है। इसके साथ ही होम कंट्रोल रूम और जनपद स्तर पर भी निगरानी तंत्र को सक्रिय रखा गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी कृत्रिम कमी या कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न न हो और आम उपभोक्ताओं को समय पर आवश्यक ईंधन उपलब्ध होता रहे।

सरकार का यह सख्त रुख साफ संकेत दे रहा है कि प्रदेश में कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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