मऊ में टेंट लगाते समय बड़ा हादसा: 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दूल्हे के भाई समेत 3 की दर्दनाक मौत
मऊ के इस्लामाबाद मोहल्ले में शादी के घर पसरा मातम; छत पर टेंट लगाते वक्त लोहे का पाइप बिजली के तार से टकराया, करंट लगने से 3 झुलसे।
भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र स्थित इस्लामाबाद मोहल्ले में सोमवार दोपहर एक भीषण हादसा हो गया। मकान की छत पर टेंट लगाते समय लोहे की पाइप ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन (HT) बिजली लाइन से टकरा गई। करंट की चपेट में आने से दूल्हे के भाई समेत तीन लोगों की मौके पर ही झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया।

दूल्हे के भाई और दो टेंट मजदूरों ने तोड़ा दम
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान दूल्हे के भाई महमूद (25 वर्ष) तथा जफरनगर मोहल्ला निवासी दो टेंट कारीगरों कामिल (23 वर्ष) और इरफान (20 वर्ष) के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस्लामाबाद निवासी अबूल हसन के बड़े बेटे बरकतुल्लाह की शादी सोमवार सुबह संपन्न हुई थी। शाम को दुल्हन की विदाई और मंगलवार को होने वाले वलीमे (दावत) की तैयारियां चल रही थीं। दोपहर लगभग दो बजे घर की महिलाएं दावत में गई हुई थीं और मकान खाली था। इसी दौरान छत पर टेंट लगाने का काम शुरू हुआ।

तेज हवा से बेकाबू हुआ पाइप, धमाके के साथ उतरा करंट
टेंट लगाने के दौरान तेज हवा चलने लगी, जिससे लोहे की पाइप अनियंत्रित होने लगी। पाइप को संभालने के लिए जैसे ही दूल्हे के भाई महमूद ने उसे पकड़ा, तभी पाइप मकान के महज 10 फीट ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से जा टकराया।
टक्कर होते ही तेज धमाका हुआ और करंट पूरे पाइप में फैल गया। इसके प्रभाव से आसपास के दो मकानों की दीवारों में भी करंट उतर आया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत बिजली विभाग को फोन कर पावर सप्लाई बंद करवाई और छत पर पहुंचे, लेकिन तब तक तीनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
क्षेत्राधिकारी नगर (CO City) नितेश प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। जिला अस्पताल और मौके पर किसी भी तरह की शांति-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं।
