आजमगढ़ ट्रिपल मर्डर: आधी रात एटीएस कमांडो का एनकाउंटर, सनकी पति ढेर
अंधविश्वास और विवाद में तीन लोगों की हत्या कर बच्चों के साथ घर में छिपे आरोपी को ATS ने मार गिराया, जानिए आजमगढ़ वारदात का पूरा सच।
आजमगढ़ / वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अंधविश्वास और घरेलू विवाद के बीच एक युवक ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अपने तीन मासूम बच्चों को ढाल बनाकर कमरे में छिप गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आधी रात लखनऊ से एटीएस (ATS) के कमांडो बुलाए गए। कमांडो ऐक्शन में आरोपी को ढेर कर दिया गया, लेकिन इस खूनी ड्रामे में एक चार साल के मासूम बच्चे की भी मौत हो गई।

भूत-प्रेत का साया हटाने के लिए चल रहा था अनुष्ठान
मिली जानकारी के मुताबिक, शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह शराब का आदी था और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं चल रही थी। परिजनों को शक था कि उस पर भूत-प्रेत का साया है। इस साये को हटाने के लिए घर में पिछले चार दिनों से विशेष अनुष्ठान और पूजा-पाठ चल रहा था।

मंगलवार शाम को अरविंद की पत्नी बबिता (32 वर्ष) पूजा पर बैठी थी और चार पुजारी अनुष्ठान करा रहे थे। शाम करीब 6:30 बजे अरविंद नशे की हालत में घर पहुंचा और पूजा का विरोध करने लगा।
पहचान पत्र मांगने पर बढ़ा विवाद, फिर चलाईं गोलियां
घटनाक्रम के अनुसार, नशे में धुत अरविंद ने अनुष्ठान करा रहे पुजारियों से पहचान पत्र मांगा। इसी बात को लेकर पुजारियों और अरविंद के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। जब पत्नी बबिता ने उसे समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, तो वह आपा खो बैठा।

अरविंद घर के भीतर से रिवॉल्वर निकाल लाया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी:
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सबसे पहले उसने अपनी पत्नी बबिता को गोली मारी।
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इसके बाद पुजारी महेंद्र पाठक (55 वर्ष) और अखिलेश मिश्र (50 वर्ष) पर गोलियां बरसा दीं। तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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मौके पर मौजूद दो अन्य पुजारियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
बच्चों को बनाया ढाल, लखनऊ से पहुंचे एटीएस कमांडो
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन मासूम बच्चों—6 वर्ष व 8 माह की बेटियों और 4 वर्ष के बेटे को लेकर कमरे में बंद हो गया। सूचना मिलते ही डीआईजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डॉ. अनिल कुमार और एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मासूम बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लखनऊ से एटीएस कमांडो की टीम बुलाई गई। रात करीब 12:30 बजे पहुंचे कमांडोज ने मोर्चा संभाला।
जवाबी कार्रवाई में आरोपी ढेर, मासूम बेटे की भी मौत
एडीजी वाराणसी जोन के अनुसार, जब कमांडो टीम ने कमरे में प्रवेश करने की कोशिश की, तो आरोपी ने कमांडोज पर 5 राउंड फायरिंग कर दी। कमांडो टीम ने बचाव में 4 राउंड जवाबी गोलियां चलाईं, जिसमें आरोपी अरविंद मौके पर ही मारा गया।
इस बेहद तनावपूर्ण ऑपरेशन के दौरान आरोपी के 4 वर्षीय बेटे की भी मौत हो गई, जबकि उसकी बड़ी बेटी के हाथ में गोली लगी है। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी ने कमांडो कार्रवाई से पहले ही बच्चे पर हमला कर दिया था। घायल बच्ची को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पूरे मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
