आजमगढ़ में पुलिस पर बड़ी गाज: एसपी ने 13 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड, 19 के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
बकरीद पर ड्यूटी छोड़कर गायब रहने, चेकिंग के बजाय चारपाई पर सोने और गो-तस्करी रोकने में लापरवाही पर SP डॉ. अनिल कुमार का कड़ा एक्शन
आजमगढ़: पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अनिल कुमार ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था और ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी ने जिले के 13 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। इसके साथ ही गंभीर अनियमितताओं में संलिप्त पाए गए 19 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़े रुख के साथ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।


औचक निरीक्षण में खुली पोल: चेकिंग की जगह चारपाई पर सो रहे थे पुलिसकर्मी
दरअसल, यह बड़ी कार्रवाई एसपी डॉ. अनिल कुमार द्वारा किए गए सतत मूल्यांकन, औचक निरीक्षण और रात्रि ड्यूटी चेकिंग के बाद सामने आई रिपोर्ट के आधार पर हुई है। कप्तान की जांच में कई चौंकाने वाले और गंभीर मामले सामने आए:

-
ड्यूटी से गायब रहना: कई पुलिसकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के अत्यंत संवेदनशील रात्रि ड्यूटी से नदारद पाए गए।
-
बकरीद पर्व पर लापरवाही: बकरीद जैसे संवेदनशील त्योहार के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा निर्धारित प्वाइंट को छोड़कर अन्य गैर-जरूरी स्थानों पर पीआरवी (PRV) खड़ी करने की पुष्टि हुई।
-
ड्यूटी पर सोना: कई जगहों पर पुलिसकर्मी ऑन-ड्यूटी मोबाइल डाटा टर्मिनल (MDT) को अपडेट रखने के बजाय सोते हुए मिले।
टोल प्लाजा पर गो-तस्करी रोकने में दिखे नाकाम
एसपी के निरीक्षण में सबसे गंभीर लापरवाही टोल प्लाजा पर सामने आई, जहां गो-तस्करी की रोकथाम, संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मौके पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी संदिग्धों पर नजर रखने के बजाय आराम फरमाते मिले। पुलिसकर्मियों के पास चारपाई बिछी हुई पाई गई, जिसे विभाग ने पुलिस की छवि और कार्यप्रणाली के बिल्कुल विपरीत माना है।

एसपी की दो टूक: लापरवाही और अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं
इस बड़ी कार्रवाई के बाद एसपी डॉ. अनिल कुमार ने जिले के सभी थाना प्रभारियों, अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी को अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करना होगा। जनता की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही, आदेशों की अवहेलना या अनुशासनहीनता पाए जाने पर भविष्य में भी इससे भी कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
