अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय समेत 4 पर FIR की मांग को लेकर सड़क पर उतरे 500 वकील
राम मंदिर ट्रस्ट में रार: महंत दिनेंद्र दास का गोपाल राव पर बड़ा आरोप, बोले- 'वह राजनीति कर रहे हैं'
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान (चढ़ावे) की कथित चोरी और गबन का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर जहां एक तरफ राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर ही आपसी रार और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, वहीं दूसरी तरफ अयोध्या के कानूनी गलियारों में भी इसे लेकर भारी आक्रोश है।


बृहस्पतिवार को अयोध्या में फैजाबाद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में 500 से अधिक अधिवक्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
चंपत राय समेत 4 के खिलाफ तहरीर, जीडी में एंट्री दर्ज
फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालका प्रसाद मिश्रा और सचिव शैलेंद्र कुमार जायसवाल के नेतृत्व में सैकड़ों वकील सुबह करीब 11:45 बजे सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी अधिवक्ता चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए श्रीराम जन्मभूमि थाने की तरफ बढ़ रहे थे, हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।

बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि उन्होंने सिविल लाइन चौकी और राम जन्मभूमि थाने में शिकायत दी है, जिसकी पावती (रिसीविंग) उन्हें मिल गई है। दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस ने इस तहरीर को जनरल डायरी (GD) में दर्ज कर लिया है। वकीलों का साफ कहना है कि यदि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की, तो वे इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

"ट्रस्ट को भंग कर नए लोगों को शामिल किया जाए" प्रदर्शन के दौरान एडवोकेट सत्य प्रकाश मौर्य ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "एक समय अयोध्या का नाम पूरे विश्व में गर्व से गूंज रहा था, लेकिन आज इस घटना के कारण लोग इसे बुरी नजर से देख रहे हैं। हम एफआईआर दर्ज कराए बिना पीछे नहीं हटेंगे। ऐसे भ्रष्ट लोगों को तुरंत हटाया जाना चाहिए, वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर इसमें नए और निष्पक्ष लोगों को शामिल किया जाए।"
ट्रस्ट के भीतर छिड़ी जंग: महंत दिनेंद्र दास ने गोपाल राव को घेरा
इस पूरे विवाद के बीच पहली बार ट्रस्ट के किसी मौजूदा सदस्य का बड़ा बयान सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने मंदिर के सहायक प्रशासक और पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
महंत दिनेंद्र दास ने कहा, "इस पूरे विवाद और गलती के लिए सीधे तौर पर गोपाल राव जिम्मेदार हैं। वह भगवान राम की परंपराओं को नहीं मानते और मंदिर प्रशासन में राजनीति कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के ट्रस्टी हमेशा मर्यादा और परंपरा का पालन करते हैं, जबकि गोपाल राव अनावश्यक रूप से मामलों को उलझाकर माहौल खराब कर रहे हैं।"
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान: 'गलत करने वालों पर होगी कार्रवाई'
इस पूरे सियासी और सामाजिक घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव जो कर रहे हैं, उससे उनकी पार्टी और रसातल में जा रही है।
चंपत राय का बचाव करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा, "राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए जिन लोगों ने परम तपस्वियों की तरह अपना जीवन समर्पित किया, उनमें चंपत राय जी सहित तमाम लोग शामिल हैं। इस घटना से उन सभी को गहरी पीड़ा पहुंची है। हालांकि, इस विषय को जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है जिसका कोई औचित्य नहीं है। कानून सबके लिए बराबर है, जो भी चोरी या गलत काम करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।"
फिलहाल, अयोध्या पुलिस ने वकीलों को समझा-बुझाकर शांत कराया है और दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
