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लो भाई, अब योगी, मोदी और शाह के प्रति अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर ने दिखाई भक्ति, दे दिया पद से इस्तीफा

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद नया मामला आया सामने

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डिप्टी कमिश्नर ने कहा-योगी, मोदी हमारे बॉस हैं, शंकराचार्य की टिप्पणियों से आहत होकर दिया इस्तीफा 

लखनऊ। यूजीसी में बदलाव व प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना के विरोध में अभी एक दिन पहले ही बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दिया, ठीक इसके दूसरे दिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा, निष्ठा प्रदर्शित करते हुए अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर (उपायुक्त कर) प्रशांत सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया। 

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उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शंकराचार्य की ओर से की गई टिप्पणी से आहत होकर उन्होंने इस्तीफा दिया है। कहाकि बीते कुछ दिनों से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लगातार टिप्पणी की जा रही हैं। मैं एक वेतनभोगी कर्मचारी हूं, लेकिन मेरे अंदर भी दिल है। मैं देश के संविधान, राज्य व्यवस्था और देश की एकता के लिए इन टिप्पणियों को गैरजिम्मेदाराना मानता हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी एक लोकतांत्रितक व्यवस्था के तहत इन पदों पर बैठे हैं। उन पर इस तरह की टिप्पणी करना आहत करने वाला है।
साथ में यह भी कहाकि मैं सरकार के समर्थन में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के समर्थन और शंकराचार्य के विरोध में अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप रहा हूं। मैं एक नौकरीपेशा व्यक्ति हूं। मेरा जीवन इस सरकार के कारण चल रहा है वो मेरे बॉस हैं। ऐसे में जरूरी है कि जब सरकार के मुखिया पर कोई इस तरह की टिप्पणी करता है तो मैं विरोध करूं अतः मैं अपना इस्तीफा देता हूं।

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उन्होंने यह भी कहाकि अभी बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने सरकार के विरोध में इस्तीफा दिया, जिस पर शंकराचार्य ने कहा कि हम आपको धर्म के क्षेत्र में बड़ा पद देंगे। ऐसा कहकर वो एक नई बहस को चला रहे हैं, जो सही नहीं है। लगे हाथ शंकराचार्य पर आरोप भी मढ़ दिया कि वह लोगों को बरगलाकर इस्तीफा दिला रहे हैं। मेरी मांग है कि देश, समाज, और राष्ट्र को चुने हुए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री चलाते हैं। ऐसे में इन लोगों के सम्मान के साथ खिलवाड़ न किया जाय। हम उनके सेवक हैं क्योंकि हम लोग अपनी गाड़ियों पर उत्तर प्रदेश शासन लिखकर चलते हैं। इसका मतलब होता है कि हम सरकार के ही अंश हैं। ऐसे में हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को कही गई अपमानजनक बातों से हम भी आहत होते हैं। 

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