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चाची ने दिया ताना-हिस्सा या रूपया नही दे सकते तो जहर खाके मर जाओ-भाई-बहन ने दे दी जान

बांदा जिले के नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पोखरे के किनारे भाई आनंद प्रकाश और बहन चंचल ने जहर खाकर कर ली खुदकुशी

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चाची से सम्पत्ति को लेकर चल रहा था विवाद, कोर्ट ने चाची के पक्ष में दिया फैसला तो मारा था ताना

बांदा। बांदा जिले में मंगलवार को बेहद दर्दनाक और कारूणिक घटना ने सबको झंकझोर के रख दिया। पैतृक संपत्ति को लेकर घर में चल रहे विवाद में सगी चाची के ताने से आहत होकर सगे भाई-बहन ने जहर खाकर जान दे दी। यह घटना नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर अतर्रा रोड की है। दोनों के अचेत होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को नरैनी सीएचसी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई। घटना के पीछे कहानी यह उभर कर आई कि सगी चाचा ने दोनों को ताने मारे थे। यह बात दोनों को लग गई और उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। 

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जानकारी के अनुसार आनंद प्रकाश (30) और पुत्री चंचल (34), प्रकाशचंद्र के बेटा-बेटी थे। सोमवार की दोपहर दोनों घर से निकले थे। करीब चार किमी दूर बागै नदी किनारे जाकर उन्होंने जहर खा लिया। पुलिस को घटनास्थल से जहर के पाउच और स्कूटी मिली है। पिता प्रकाशचंद्र ने बताया कि उनके छोटे भाई रामदास की पत्नी सुधा गुप्ता से पैतृक मकान व दुकान को लेकर वर्ष 2015 से न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। 19 जनवरी को कोर्ट ने सुधा गुप्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। इसमें दुकान का किराया, मकान में हिस्सा और मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया था। 

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मुकदमा जीतने के बाद रविवार रात सुधा गुप्ता अपना हिस्सा और दुकान का किराया मांगने लगीं। इस पर आनंद और चंचल से विवाद हो गया। सुधा तो पहले से ही इन दोनों को ताने मारती थीं, लेकिन इस दौरान उन्होंने यह कह दिया कि यदि हिस्सा या रुपये नहीं दे सकते तो जहर खाकर मर जाओ। इसी बात से क्षुब्ध होकर घर से निकल गये और मौत को गले लगा लिया। दूसरी बात यह भी सामने आई है कि उन्होंने भाई को 500 रुपये दिए थे।इसको लेकर भी घर में विवाद हुआ था। फिलहाल आरंभिक जांच में घटना का कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। लेकिन मुकदमा हारने के बाद चाची के ताने को लोग भाई-बहन की मौत का बड़ा कारण मान रहे हैं। 
 

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