auhar Trust Case: आजम खां के करीबी कारोबारी सलीम से ED की मैराथन पूछताछ
मनी लॉन्ड्रिंग और काली कमाई को सफेद करने की आशंका; प्रवर्तन निदेशालय ने मांगे डोनेशन के दस्तावेज, नोएडा के बड़े कारोबारी पर भी कसाब शिकंजा
लखनऊ / भदैनी मिरर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट 'मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी' और 'जौहर ट्रस्ट' में हुए वित्तीय फर्जीवाड़े की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कार्रवाई और तेज कर दी है। ईडी ने आजम खां के करीबी और जौहर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये का दान देने वाले रामपुर के कारोबारी सलीम से घंटों लंबी पूछताछ कर उसके बयान दर्ज किए हैं।

चार समन के बाद पेश हुआ था कारोबारी, मांगे गए फंडिंग के दस्तावेज
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कारोबारी सलीम और उसके सहयोगी अनवर को ईडी की ओर से पूर्व में चार बार समन भेजे गए थे, लेकिन वह पेशी से बचते रहे। बीते सप्ताह पहली बार हाजिर होने के बाद, बुधवार को ईडी ने सलीम को दोबारा तलब किया।
इस दौरान ईडी के अधिकारियों ने जौहर ट्रस्ट को दिए गए करोड़ों रुपये के दान (Donation) के स्रोत से जुड़े दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी मांगी है। केंद्रीय जांच एजेंसी को अंदेशा है कि फर्जी फर्मों और डोनेशन के नाम पर काली कमाई (Black Money) को जौहर ट्रस्ट के जरिए सफेद (White) करने का खेल रचा गया था।
नोएडा के बड़े कारोबारी और जल निगम ठेका घोटाले पर भी शिकंजा
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के इस नेटवर्क की जांच के दौरान नोएडा के एक नामचीन उद्योगपति का नाम भी सामने आया है। ईडी को पुख्ता सुराग मिले हैं कि उक्त कारोबारी के जरिए भी करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है, जिसे जल्द ही समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।
दूसरी ओर, ईडी ने पांच शेल कंपनियों (फर्जी फर्मों) के जरिए जल निगम का प्रचार-प्रसार का ठेका हासिल करने वाले आफताब नामक व्यक्ति के खिलाफ भी जांच की गति बढ़ा दी है। इस सिलसिले में ईडी ने हाल ही में जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक से प्रचार ठेकों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज तलब किए हैं।
