कफ सिरप माफिया नेटवर्क पर प्रहार: मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को 1 साल के लिए जेल; PIT NDPS एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
फर्जी फर्म और ई-वे बिल के जरिए बांग्लादेश तक सप्लाई होता था नशीला कफ सिरप
सोनभद्र/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप की अवैध तस्करी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ सोनभद्र पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। कुख्यात तस्कर शुभम जायसवाल के संगठित गिरोह की कमर तोड़ते हुए पुलिस ने उसके पिता भोला प्रसाद को 'PIT NDPS एक्ट' (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) के तहत एक वर्ष के लिए जेल भेज दिया है।


वाराणसी से संचालित हो रहा था तस्करी का काला खेल
पुलिस जांच के अनुसार, वाराणसी के प्रह्लाद घाट (कायस्थ टोला) निवासी भोला प्रसाद लंबे समय से कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का मुख्य आधार बना हुआ था। जांच में पाया गया कि आरोपी ने अपने नाम पर 'शैली ट्रेडर्स' नामक फर्जी फर्म बना रखी थी। इसी फर्म के जरिए बड़े पैमाने पर फेन्साडिल कफ सिरप की खेप मंगाई जाती थी और फिर उसे काले बाजार के माध्यम से बांग्लादेश तक सप्लाई किया जाता था।

एसपी सोनभद्र के प्रस्ताव पर लगी मुहर
सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन ने भोला प्रसाद को 15 अप्रैल 2026 से एक साल के लिए निरुद्ध करने का आदेश जारी किया। इस दौरान आरोपी को जिला कारागार में बिना जमानत के एक साल तक रहना होगा। शासन ने पुलिस के इस प्रस्ताव को तस्करी रोकने के लिए आवश्यक माना और इस पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।

अदालत में दाखिल हुई 39 हजार पन्नों की चार्जशीट
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने गुरुवार को कोर्ट में 39 हजार पन्नों की विशालकाय चार्जशीट दाखिल की है।
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मुख्य आरोपी: सरगना शुभम जायसवाल (फिलहाल भगोड़ा) और उसके पिता भोला प्रसाद।
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साक्ष्य: चार्जशीट में फर्जी ई-वे बिल, जीएसटी दस्तावेज और आरोपियों की कॉल डिटेल (CDR) को प्रमुख आधार बनाया गया है।
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गिरफ्तारी: इस पूरे गिरोह में अब तक 37 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हैं तार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक स्थानीय तस्करी नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह है। फर्जी बिलिंग के जरिए कफ सिरप की सप्लाई कर करोड़ों का मुनाफा कमाया गया और इसका इस्तेमाल नशे के कारोबार को बढ़ावा देने में किया गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और भगोड़े शुभम जायसवाल की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
