गजब का फर्जीवाड़ा, ट्रकों का इंजन, चेचिस नम्बर बदलकर ले लेते थे लोन, इंश्योरेंस
सुल्तानपुर में गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, 4 ट्रक, एक छोटा हाथी बरामद
लोन की किस्त डिफॉल्ट ट्रकों को ही खरीदकर फिर उसी पर ले लेते थे लोन
वाराणसी, भदैनी मिरर। अन्तर्राज्यीय स्तर पर ट्रकों के इंजन नंबर व चेसिस नंबर को कई बार बदलने और फर्जी प्रपत्र तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले गैंग के 03 सदस्यों को शुक्रवार को STF ने गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 04 अदद फर्जी रजिस्ट्रेशन वाले ट्रक व 01 अदद छोटा हाथी बरामद किया गया है। एसटीएफ ने तीनों को सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के मुफीद का गैराज सुलतानपुर बायपास रोड से पकड़ा है।


STF ने बताया कि गिरफ्तार धोखाधड़ी के आरोपितों में विजय शंकर मिश्रा अम्बेडकर नगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर टडवा का निवासी है। जबकि बृजेश कुमार उर्फ विपिन आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव का और जय प्रकाश विश्वकर्मा वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के दनियालपुर का रहनेवाला है। इनकी निशानदेही पर चार ट्रक, 1 अदद छोटा हाथी, एटीएम कार्ड, 412. रूपये बरामद हुए हैं। हेराफेरी के इस धंधे में गिरोह को मोटी कमाई हो जाती थी।
एसटीएफ ट्रकों के रजिस्ट्रेशन आदि में हेराफेरी करने वाले गिरोहों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान एक गैंग के सुल्तानपुर व आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय होने की सूचना मिली। पता चला कि सुल्तानपुर में इस गिरोह के कुछ सदस्य बाईपास रोड के पास स्थित एक गैराज में ट्रकों को लेकर आते हैं। इसके बाद इंजन व चेसिस नंबर मिटाकर उनकी जगह दूसरे इंजन नम्बर चेसिस नंबर की पट्टी लगा दिया जाता है। फिर ट्रकों के फर्जी कागजात तैयार कर उसे बेच दिया जाता है। यह भी पता चला कि गिरोह के लोग रास्ते में खड़े ट्रकों के इंजन नंबर व चेसिस नम्बर बदल रहे हैं। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और तीनों को धर दबोचा। इन्हें गिरफ्तार करनेवाली टीम में एसआई तेज बहादुर सिंह, हरीश सिंह चौहान, मुख्य आरक्षी विनोद यादव, पवन सिंह बिसेन, देवेन्द्र सिंह, सुनील यादव, सूरज सिंह की टीम रही।


पूछताछ में विजय शंकर और उसके दो साथियों ने बताया कि उसके गैंग के लोग उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों व विभिन्न प्रान्तों से ट्रकें अपने सहयोगियों के माध्यम से मंगाते हैं। उन ट्रकों को लाया जाता है जिनकी लोन की किस्तें डिफॉल्ट हो चुकी होती हैं। उन्हें कम दाम में खरीदकर सुलतानपुर लाते हैं। इसके बाद उन गाड़ियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन प्रपत्र आरटीओ दलालों के माध्यम से तैयार कराकर ट्रकों पर अंकित मूल चेसिस नम्बर को मिटाकर उनके स्थान पर दूसरा चेसिस नम्बर टंकित करा देते हैं। इंजन नंबर व डैशबोर्ड पर लगने वाली मूल पट्टी को निकाल देते हैं। फिर जय प्रकाश विश्वकर्मा द्वारा फर्जी रूप से तैयार की गयी पट्टी को इंजन व डैशबोर्ड पर लग दिया जाता है। ताकि कूटरचित रजिस्ट्रेशन प्रपत्र व गाडी के इंजन व चेसिस नंबर एक से हो जाय और किसी को फर्जी होने का पता न चल सके। इसके बाद गिरोह के लोग उन गाड़ियों पर फर्जी तरीके से लोन व इन्श्योरेंस कराते हैं। यह फर्जीवाडा अनवरत चलता रहता है। यह लोग एक ही ट्रक का कई बार इंजन व चेसिस नंबर बदलकर लोन व इन्श्योरेंस कराकर अवैध रूप से धनार्जन करते हैं। कुछ समय के बाद किस्त डिफॉल्ट करके उन गाड़ियों की चोरी का मुकदमा लिखवाकर उनका इंजन व चेसिस बदलकर पुनः नया लोन करा लेते हैं। गिरोह यह काम काफी समय से कर रहा था।

ऐसे देते हैं अपराध को अंजाम
गिरोह के लोग पहले विभिन्न स्थानों पर जाकर उन ट्रकों की तलाश करते हैं जिनकी लोन की किस्तें डिफॉल्ट हो चुकी होती हैं। ऐसे ट्रकों को यह लोग सस्ते दामों में खरीद कर इनकी चोरी की एफआईआर थाने से या न्यायालय से सीआरपीसी की धारा 156 (3) द्वारा दर्ज करा देते हैं। फिर उनके फर्जी रजिस्ट्रेशन प्रपत्र व इंजन तथा चेसिस नम्बर की पट्टियां बनाकर उसी वाहन पर फिर लोन व इन्श्योरेंस करा लेते हैं। गिरफ्तार आरोपितों को सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाने में दाखिल कराकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
