इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान की अध्यापिका की गिरफ्तारी पर लगाई रोक, अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को
बरेली के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत शुमायला पर भारत में अवैध रूप से रहने और पाकिस्तानी नागरिक होने का आरोप; हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
Sep 26, 2025, 12:04 IST
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लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापिका शुमायला खान को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने यह आदेश शुमायला खान की याचिका पर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्तूबर 2025 को होगी।

मिली जानकारी के अनुसार, शुमायला खान मूल रूप से पाकिस्तान की नागरिक बताई जा रही हैं और उन पर आरोप है कि वह भारत में अवैध रूप से रह रही हैं। साथ ही, उन्होंने कथित तौर पर फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की। शुमायला 2015 से बरेली के फतेहगंज ब्लॉक के मदहोपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत हैं।


शुमायला खान ने अदालत में दायर याचिका में कहा कि उनके निवास प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने के खिलाफ उन्होंने पहले ही एक अलग याचिका दाखिल कर रखी है, जिसकी सुनवाई भी चल रही है। इस आधार पर उन्होंने एफआईआर को निरस्त करने की मांग की।
कोर्ट ने दोनों मामलों को साथ सुनने का निर्देश देते हुए, तब तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

गौरतलब है कि शुमायला खान ने 7 अप्रैल 2015 को सहायक अध्यापक पद पर ज्वाइन किया था और लगभग नौ वर्षों तक सेवा दी। करीब तीन साल पहले उन पर पाकिस्तानी नागरिक होने का आरोप सामने आया, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई। इस आरोप के बाद से ही उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी।


हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद शुमायला को राहत मिली है। अब सबकी निगाहें आगामी 7 अक्तूबर की सुनवाई पर टिकी होंगी।
