अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत, सजा स्थगित करने की याचिका स्वीकार
बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे व पूर्व विधायक अब्बास अंसारी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, निचली अदालत का आदेश रद्द; अपील पर होगा नियमानुसार निस्तारण
प्रयागराज। बाहुबली मुख्तार अंसारी (दिवंगत) के बेटे और मऊ सदर से पूर्व विधायक रहे अब्बास अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बुधवार को बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति समीर जैन की अदालत ने अब्बास अंसारी की उस पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने निचली अदालत द्वारा सजा स्थगन की अर्जी खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द कर दिया और कहा कि अब्बास की अपील पर नियमानुसार निस्तारण किया जाए।


मामला क्या है?
अब्बास अंसारी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन पर राज्य सरकार के अधिकारियों को मंच से धमकी दी थी। इस मामले में मऊ की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई थी। पुलिस ने IPC धारा 153-ए दो साल की कैद (समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने का अपराध), IPC धारा 189 दो साल की कैद (लोक सेवक को धमकी देना), IPC धारा 506: एक साल की कैद (आपराधिक धमकी), IPC धारा 171-एफ: छह महीने की कैद (चुनाव में अनुचित प्रभाव) इसके अलावा कोर्ट ने उन पर 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अब्बास के चुनाव एजेंट मंसूर अंसारी को भी अदालत ने दोषी मानते हुए छह महीने की कैद की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट का आदेश
इस फैसले के खिलाफ अब्बास ने अपील दायर की थी जो मऊ की स्पेशल अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष लंबित है। इसी दौरान उन्होंने सजा स्थगन के लिए अर्जी भी लगाई थी, जिसे निचली अदालत ने 5 जुलाई को खारिज कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द कर दिया है। अब इस मामले में अब्बास अंसारी की अपील पर नियमानुसार सुनवाई होगी।

