उमाशंकर सिंह के बाद अब पूर्व विधायक और बसपा प्रत्याशी के ठिकानों पर बड़े पैमाने में आयकर, ED का छापा
अवैध कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर हुई कार्रवाई
पूर्व बसपा प्रत्याशी दिलीप सिंह और कारोबारी सोमेश भारद्वाज के प्लांटों पर दस्तावेज खंगाले जा रहे
छापेमारी की खबर मिलते ही कई क्रेशर मालिक और करीबी फरार, कई हुए भूमिगत
लखनऊ। आयकर विभाग (IT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के बांदा शहर और महोबा में 20 से 25 बड़े कारोबारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर संयुक्त छापेमारी की है। पूर्व विधायक, बसपा प्रत्याशी और कई कारोबारियों के ठिकानों पर यह कार्रवाई अवैध कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर की गई। कबरई की स्टोन क्रेशर मंडी में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई है। पूर्व बसपा प्रत्याशी दिलीप सिंह और कारोबारी सोमेश भारद्वाज के प्लांटों पर दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इस कार्रवाई से पूरी मंडी में हड़कंप मच गया और कई कारोबारी अपने प्लांट छोड़कर हट-बढ़ गये। कई तो भूमिगत हो गये हैं।


कार्रवाई सुबह बुंदेलखंड के महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र स्थित स्टोन क्रेशर मंडी में शुरू हुई। आयकर विभाग की दर्जनों गाड़ियों में पहुंची टीमों ने एक साथ कई प्लांटों पर दबिश दी। मुख्य रूप से पूर्व बसपा प्रत्याशी दिलीप सिंह के जगदंबा ग्रेनाइट और सोमेश भारद्वाज के श्रिया ग्रेनाइट प्लांटों को निशाना बनाया गया है। कानपुर, बांदा और मध्य प्रदेश से आए आयकर अधिकारियों की संयुक्त टीम ने इन ठिकानों को घेर लिया। टीम ने सबसे पहले कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और किसी के भी अंदर-बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनाती कर दी गई है। आयकर विभाग ने यह कार्रवाई अवैध कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायतों के आधार पर की है। आयकर विभाग की टीमें केवल महोबा के कबरई ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के दिदवारा स्थित क्रेशर प्लांटों और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी दस्तावेज खंगाल रही हैं।

अचानक हुई छापेमारी के बाद मंडी के अन्य क्रेशर कारोबारी अपने प्लांटों में ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। आपको बता दें कि दिलीप सिंह राजनीतिक रूप से भी सक्रिय रहे हैं। वह 2019 के लोकसभा चुनाव में हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी सीट से बसपा के प्रत्याशी थे। आयकर विभाग के अधिकारी फिलहाल इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, करोड़ों के लेनदेन और बेनामी संपत्तियों से जुड़े कागजात टीम के हाथ लगे हैं। जांच में खातों और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। मीडिया को कार्रवाई स्थलों से दूर रखा गया है। जिन प्रमुख कारोबारियों और ठेकेदारों के यहां जांच चल रही है, उनमें बिजली विभाग के ठेकेदार हिम्मत सिंह, अवनी परदी अस्पताल के संचालक मलिक अज्ञात गुप्ता, मौरंग व्यवसायी सिराज भगत सिंह और शिवशरण सिंह, दिलीप सिंह और भाजपा नेता व चौधरी ऑटोमोबाइल के मालिक युवराज सिंह समेत कई नाम शामिल हैं। इन सभी के प्रतिष्ठानों और आवासों पर टीमें मौजूद हैं और सघन जांच कर रही हैं।

इससे पहले विधायक उमाशंकर सिंह पर कसा गया था शिकंजा
गौरतलब है कि पिछले दिनों बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक उमाशंकर सिंह पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसा था। विभाग ने विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनियों व करीबियों के बैंक खातों की जांच की। आयकर विभाग ने संबंधित बैंकों से इस संबंध में खातों की विस्तृत जानकारी खंगाल रही है। उमाशंकर सिंह के ठिकानें से मिले भूमि के पट्टों की भी जांच की। आरोप है कि बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनी ने बेनामी पट्टों के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध खनन किया था। पिछले वर्ष आई सीएजी रिपोर्ट में सामने आया था कि विधायक उमाशंकर सिंह की कंपनियों ने अवैध खनन के जरिये सरकार को 60 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया था। इसी आधार पर इनकम टैक्स विभाग ने बसपा विधायक के लखनऊ, बलिया, सौनघद्र व प्रयागराज सहित 30 ठिकानों पर रेड मारी थी। विधायक के ठिकानों पर 3 तीनों तक चली छापेमारी के दौरान 10 करोड़ रुपये नकद व कई संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए थे। इसके अलावा आयकर विभाग को बेनामी पट्टे मिले थे। इनकी जांच की जा रही है। लखनऊ के सदर बाजार स्थित बसपा विधायक के करीबी मोहम्मद इश्तिया नामक खनन कारोबारी को बेनामी पट्टे के जरिये अवैध खनन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आयकर विभाग की जांच में विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबी कंपनियों के 100 से अधिक बैंक खातों की जानकारी मिल चुकी है। यह सभी खाते सोनभद्र, बलिया, लखनऊ, दिल्ली और प्रयागराज स्थित विभिन्न बैंकों की शखाओं से संबंधित हैं। आपको बता दें कि बसपा विधायक उमाशंकर सिंह (55) बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह तीन बार के विधायक हैं। उमाशंकर सिंह के छापे के दौरान सत्ताधारी दल बीजेपी के भी बड़े नेताओं ने एतराज जताया था।
