सात बच्चों की मां की हत्या के बाद दस माह तक छिपाये रहा राज, बेटे की शिकायत पर बरामद हुई लाश
पति की मौत के बाद बच्चों को छोड़ हत्यारोपित गोरेलाल के साथ रहती थी रेशमा
दूसरे से सम्बध के शक में पाना चाहता था छुटकारा, नही मानी तो गला दबाकर मार डाला
बेटा जब मां की तलाश में पहुंचा तो गोरेलाल ने कहा- तुम्हारी मां अब कभी नहीं आएगी
कानपुर, भदैनी मिरर। कानपुर में 7 बच्चों की मां को उसके प्रेमी ने मारकर जमीन में गड्ढा खोदकर दफना दिया। 10 महीने तक यह राज छिपाकर रखा। इसका खुलासा तब हुआ जब महिला अपने बेटे के बुलाने पर शादी में घर नहीं पहुंची। बेटा प्रेमी के घर पहुंचा तो भी मां नहीं मिली। जब बेटे ने उससे मां के बारे में पूछा तो शातिर प्रेमी ने कहाकि तुम्हारी मां अब कभी नहीं आएगी। इसके बाद बेटे ने शक के आधार पर प्रेमी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रेमी को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। यह सनसनीखेज वारदात कानपुर के घाटमपुर के सजेती थाना क्षेत्र के टिकवांपुर गांव का है। यहां महिला की हत्या करने वाला उसका प्रेमी उससे 12 साल छोटा है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि वह महिला से छुटकारा पाना चाहता था। कोई उपाय न देखकर उसने हत्या कर दी। वारदात के बाद यह यह घटना आठ माह तक दबी रही। बुधवार को जानकारी के बाद पुलिस ने जमीन खोदकर कंकाल निकलवाया। पुलिस ने गुरुवार को आरोपित को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही आरोपित उसके भाई को भी गिरफ्तार किया गया है।




टिकवांपुर गांव में 35 वर्षीय गोरेलाल ने बीते साल अप्रैल माह में अपनी 47 वर्षीया प्रेमिका रेशमा की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को खेत में गाड़ दिया था। करीब पांच वर्ष पूर्व रेशमा के पति रामबाबू के निधन के बाद से वह पड़ोसी गोरेलाल संखवार के साथ रह रही थी। गोरेलाल रेशमा के पति रामबाबू का पारिवारिक भाई और अविवाहित है। रेशमा ने अपने चार बेटों- विमल, पुष्पेंद्र, बबलू, विशाल व तीन बेटियों को भी छोड़ दिया था। आरोपित गोरेलाल के तीन भाई सुरेश, मुन्नू और धर्मेंद्र हैं। गोरेलाल और सुरेश साथ रहते थे। सुरेश की पत्नी का देहांत हो चुका है। पिछले साल अप्रैल में गोरेलाल गेहूं कटाई के लिए रेशमा के साथ इटावा गया था। गोरेलाल ने बताया कि वहां पर उसे रेशमा के अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक हुआ। इस बात पर दोनों में झगड़ा हुआ तो ठेकेदार ने उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद से ही रेशमा पर से उसका भरोसा उठ गया और वह रेशमा से छुटकारा चाहता था।

पहले उसने रेशमा को भाई सुरेश के साथ रहने के लिए कहा, लेकिन वह राजी नहीं हुई तो गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। जिस ट्यूबवेल में गोरेलाल रहता था वहां कैमरे लगे थे। इसलिए गोरेलाल ने वहां से दूर खेत में हत्या की। इसके बाद वह गांव आया और शव गाड़ने के लिए फावड़ा लेकर गया। फिर उसने हाईटेंशन लाइन के पोल के नीचे शव गाड़ दिया। ताकि उस जगह पर कभी जोताई न हो और शव के बारे में पता न चल सके। इसके बाद गोरेलाल ने गांव में इटावा से ही रेशमा के कहीं चले जाने की बात फैला दी थी। बीते 29 नवंबर को एक शादी में उसने रेशमा के बेटे बबलू से कह दिया कि उसकी मां अब इस दुनिया में वापस नहीं आएगी। इसके बाद से हत्या की आशंका हुई। बेटे ने पहले तो मां की खोजबीन की। नहीं पता चलने पर पुलिस से गोरेलाल व उसके भाई सुरेश और मुन्नू के खिलाफ शिकायत की। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जब गोरेलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला खुल गया। पुलिस ने सुरेश को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों की निशानदेशी पर खोदकर कंकाल निकाला। इस मामले का एक और आरोपित है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गोरेलाल ने पुलिस को बताया कि पति की मौत के बाद महिला मेरे साथ रहती थी। मैं उसे छोड़ना चाहता था। उसे भाई के साथ रहने को कहता, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी। इसके बाद मैंने गला दबाकर उसे मार डाला।

