मेरठ के कपसाड़ से मां की हत्या कर बेटी का अपहरण करनेवाला आरोपित हरिद्वार से गिरफ्तार
अपहृत युवती बरामद, पुलिस दोनों को हरिद्वार से लेकर मेरठ के लिए रवाना
दलित सामज की महिला की हत्या और बेटी के अपहरण को लेकर गरमा गई थी यूपी की सियासत
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित कपसाड़ कांड में तीन दिनों से जारी तनाव के बीच शनिवार की देर शाम पुलिस ने हत्या और अपहरण के मुख्य आरोपित पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मेरठ और सहारनपुर पुलिस की टीम ने अपहृत युवती रूबी को हरिद्वार से सुरक्षित बरामद कर लिया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और बताया कि पुलिस टीम दोनों को लेकर मेरठ पहुंच रही है।
गौरतलब है कि घटना के बाद से ही इस मामले में घमासान मचा है। राजनीतिक पार्टियां सड़कों पर उतर गई हैं। विपक्षी नेताओं ने कपसाड़ कूच की कोशिश की लेकिन पुलिस ने किसी को भी गांव में प्रवेश करने नहीं दिया। इससे नाराज होकर सपा सांसद रामजी लाल, आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर आजाद और विधायक अतुल प्रधान कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और नेताओं के बीच खूब धक्कामुक्की और खींचतान हुई।




गौरतलब है कि कपसाड़ गांव में पारस सोम ने अपने साथियों के साथ गुरुवार को मां सुनीता की फावड़े से मारकर हत्या कर उसकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया था। तीन दिन से इस मामले में विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने में लगे रहे। शनिवार की सुबह पुलिस ने सभी सीमाओं को सील कर दिया। काशी टोल प्लाजा पर सुबह सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान दोनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्कामुक्की और तीखी नोकझोंक हुईं। इसके बाद विपक्षी नेता वहीं धरने पर बैठ गए।

आपको यह भी बता दें कि घटना की जानकारी के बाद आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गाजियाबाद से निकलकर बाइक पर बैठकर किसी तरह काशी टोल पर पहुंचे थे। वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उनको रोक दिया। पुलिस से धक्कामुक्की हुई तो कार्यकर्ताओं के साथ वह धरने पर बैठ गये। वहीं विधायक अतुल प्रधान की पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान को भी सिवाया टोल प्लाजा पर रोक लिया गया। उनसे भी पुलिस से विवाद हो गया।

