मऊ में सीएम आवास योजना के 1719 लाभार्थी चयनित, मिल रहे 1.20 लाख रुपए
जिले के 9 ब्लॉकों में तेजी से चल रही आवास निर्माण की प्रक्रिया, पहली किस्त के रूप में 779 लाभार्थियों के खाते में भेजे गए 40-40 हजार रुपए।
मऊ जिले के जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्के मकान का सपना अब जल्द ही पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जिले में पात्र परिवारों के चयन और वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रशासन द्वारा इस योजना के माध्यम से गरीबों को सुरक्षित और पक्की छत मुहैया कराने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

लक्ष्य और चयनित लाभार्थियों की स्थिति
मऊ जिले के 9 ब्लॉकों के अंतर्गत आने वाली कुल 645 ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1,807 आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1,719 लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है।
इस योजना के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित पात्र श्रेणियों को प्राथमिकता दी गई है:

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दिव्यांगजन और आपदा पीड़ित परिवार
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कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति
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कच्चे मकानों में जीवनयापन करने वाले गरीब परिवार
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बंजारा समुदाय के पात्र लोग
तीन किस्तों में मिलती है 1.20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
योजना के नियमों के अनुसार, प्रत्येक चयनित लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए कुल 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। भुगतान की यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है:

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पहली किस्त: नींव के निर्माण के लिए 40,000 रुपए (अब तक 779 लाभार्थियों को जारी)।
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दूसरी किस्त: लिंटर के कार्य के लिए 70,000 रुपए (अब तक 71 लाभार्थियों को प्राप्त)।
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तीसरी किस्त: मकान का कार्य पूर्ण होने पर अंतिम राशि 10,000 रुपए।
अतिरिक्त लाभ और सख्त निगरानी
आर्थिक सहायता के अलावा, लाभार्थियों को मनरेगा योजना के तहत 90 दिन की मजदूरी का भुगतान भी किया जा रहा है। निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सचिवों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पोर्टल पर मकान निर्माण की प्रगति की तस्वीरें अपलोड होने के बाद ही अगली किस्त की राशि जारी की जाती है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को ब्लॉकवार लक्ष्य आवंटित कर योजना की निरंतर प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
