काशी में वॉलीबॉल महाकुंभ: 4 से 11 जनवरी तक चलेगा महासंग्राम, देशभर से 1250 खिलाड़ी होंगे शामिल
डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में होगा आयोजन, PM मोदी और CM योगी करेंगे 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ
वाराणसी। धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी अब खेलों के क्षेत्र में भी नया इतिहास रचने जा रही है। सिगरा स्थित नवनिर्मित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 4 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह पहली बार है जब काशी इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी कर रही है।



इस ऐतिहासिक आयोजन का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं उपस्थित रहकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे।
उद्घाटन सत्र में होंगे विशिष्ट अतिथि
उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उनके साथ प्रदेश सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।


1250 खिलाड़ियों से गुलजार होगी काशी
इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देशभर से 1250 से अधिक खिलाड़ी, कोच और तकनीकी अधिकारी हिस्सा लेंगे। आठ दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में भारत के दिग्गज वॉलीबॉल खिलाड़ी अपने खेल का दमखम दिखाएंगे।
महापौर अशोक तिवारी संभाले हुए हैं तैयारियों की कमान

आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने पार्षदों और भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाकर आयोजन की समीक्षा की और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपीं।
इस दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल सहित जिला, नगर निगम और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टेडियम और आयोजन स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
आयोजन को भव्य बनाने की तैयारी
आयोजन समिति और प्रशासन के समन्वय से स्टेडियम को अभूतपूर्व रूप दिया जा रहा है। दर्शकों की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, खिलाड़ियों के ठहरने और परिवहन सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह आयोजन न केवल खेल जगत के लिए बल्कि काशी के लिए भी गौरव का विषय है। राष्ट्रीय स्तर की इस चैंपियनशिप से वाराणसी को खेल पर्यटन और राष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है।
