Rahul Dravid Birthday: भारतीय क्रिकेट की ‘दीवार’ से विश्व विजेता कोच तक, राहुल द्रविड़ का गौरवशाली सफर
53वें जन्मदिन पर जानिए ‘द वॉल’ राहुल द्रविड़ के रिकॉर्ड, उपलब्धियां, कोचिंग सफलता और जीवन से जुड़ी प्रेरक बातें
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनका योगदान आंकड़ों से कहीं आगे है। उन्हीं में से एक हैं राहुल शरद द्रविड़, जिन्हें क्रिकेट जगत ‘द वॉल’ के नाम से जानता है। मजबूत तकनीक, अटूट धैर्य, अनुशासन और निस्वार्थ टीम भावना-राहुल द्रविड़ इन सभी मूल्यों का प्रतीक रहे हैं। 11 जनवरी 1973 को जन्मे द्रविड़ आज 53 वर्ष के हो गए हैं।



शुरुआती जीवन और क्रिकेट की नींव
राहुल द्रविड़ का जन्म इंदौर में हुआ, लेकिन उनका पालन-पोषण कर्नाटक में हुआ। बेहद सामान्य परिवार से आने वाले द्रविड़ ने 12 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। उन्होंने अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 स्तर पर कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया। पूर्व क्रिकेटर केकी तारापोर ने उनके खेल को निखारने में अहम भूमिका निभाई।

1996 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम
द्रविड़ ने 1990-91 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट और 1992-93 में लिस्ट-ए क्रिकेट की शुरुआत की। शानदार घरेलू प्रदर्शन के दम पर उन्हें 1996 में टीम इंडिया में जगह मिली।
- वनडे डेब्यू: 3 अप्रैल 1996 (श्रीलंका के खिलाफ)
- टेस्ट डेब्यू: 20 जून 1996 (इंग्लैंड के खिलाफ, लॉर्ड्स)
लॉर्ड्स टेस्ट में डेब्यू करते हुए द्रविड़ ने 95 रन की यादगार पारी खेलकर भारत को हार से बचाया।

ऐतिहासिक पारियां और विदेशी सरजमीं पर सफलता
- जनवरी 1997 में जोहान्सबर्ग टेस्ट में उन्होंने 148 और 81 रन बनाए।
- जनवरी 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 190 और 103* रन की पारियों से मैच ड्रॉ कराया।
- नवंबर 2000 में दिल्ली टेस्ट में उनका नाबाद दोहरा शतक (200*) आज भी क्रिकेट प्रेमियों की यादों में है।
एडिलेड टेस्ट: जब ‘द वॉल’ बनी जीत की नींव
साल 2003 में एडिलेड टेस्ट भारतीय क्रिकेट इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। ऑस्ट्रेलिया में एक पीढ़ी में पहली टेस्ट जीत के दौरान द्रविड़ ने दोनों पारियों में 835 मिनट तक बल्लेबाजी की।
- पहली पारी: 233 रन
- दूसरी पारी: 72
भारत ने यह मुकाबला 4 विकेट से जीता।
पाकिस्तान में ऐतिहासिक सीरीज जीत
अप्रैल 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ द्रविड़ ने 270 रन की 12 घंटे लंबी पारी खेली। इसी सीरीज में भारत ने पाकिस्तान में पहली बार टेस्ट सीरीज जीती।
आंकड़ों में राहुल द्रविड़
- टेस्ट: 164 मैच, 13,288 रन, औसत 52.31, 36 शतक
- वनडे: 344 मैच, 10,889 रन, 12 शतक
- अंतरराष्ट्रीय कैच: 379
- स्टंपिंग: 14
- फर्स्ट क्लास रन: 23,794
- लिस्ट-ए रन: 15,271
- आईपीएल: 89 मैच, 2,174 रन
ऐसा रिकॉर्ड जो टूटना मुश्किल
टेस्ट क्रिकेट में द्रविड़ ने 31,258 गेंदों का सामना किया—यह आज भी एक विश्व रिकॉर्ड है। आधुनिक क्रिकेट के बदलते स्वरूप में इस रिकॉर्ड का टूटना बेहद मुश्किल माना जाता है।
कोच के रूप में भी मिसाल
खिलाड़ी के बाद कोच के रूप में भी राहुल द्रविड़ ने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी।
- 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता कोच
- 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप उपविजेता
- 2024 टी20 वर्ल्ड कप विजेता हेड कोच (सीनियर टीम)
उनकी कोचिंग में शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल जैसे युवा सितारे निखरे। अनुशासन और दीर्घकालिक सोच उनकी कोचिंग की पहचान रही।
सम्मान और पुरस्कार
- अर्जुन पुरस्कार (1998)
- आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2004)
- पद्म श्री (2004)
- पद्म भूषण (2013)
- आईसीसी हॉल ऑफ फेम (2018)
राहुल द्रविड़ की 5 बातें जो देती हैं जीवन की सीख
1. “कोई भी सपना अकेले पूरा नहीं किया जा सकता।”
2. “मैं जो हूं, वही हूं—छवि बनाने की कोशिश नहीं करता।”
3. “असफलता के बाद भी प्रयास नहीं छोड़ना चाहिए।”
4. “लोगों का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है।”
5. “आप बदले के लिए नहीं, सम्मान और गर्व के लिए खेलते हैं।”
भारतीय क्रिकेट की सच्ची दीवार
राहुल द्रविड़ सिर्फ महान बल्लेबाज नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की आत्मा रहे हैं। मैदान पर और मैदान के बाहर—दोनों जगह उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन और निस्वार्थता की मिसाल कायम की है।
