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फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत: मैक्सिको को रौंदने के बाद जुड बेलिंगघम बोले- 'यह मेरे करियर की सबसे गौरवशाली रात'

भदैनी मिरर स्पोर्ट्स: एज़्टेका स्टेडियम में 10 खिलाड़ियों के साथ खेला इंग्लैंड; बेलिंगघम का फैंस को संदेश— 'ऑफिस-स्कूल से छुट्टी लें और जश्न मनाएं'

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भदैनी मिरर, स्पोर्ट्स डेस्क: फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की फुटबॉल टीम ने एक ऐसा मुकाबला जीता है, जिसे इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एज़्टेका स्टेडियम (Azteca Stadium) में खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मैच में थॉमस ट्यूशेल (Thomas Tuchel) की टीम ने मेजबान मैक्सिको को 3-2 से धूल चटा दी। इस ऐतिहासिक जीत के महानायक रहे जुड बेलिंगघम (Jude Bellingham), जिन्होंने मैच में दो शानदार गोल दागे।

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जीत के बाद भावुक और उत्साहित बेलिंगघम ने इसे अपने इंग्लैंड करियर की अब तक की सबसे बेहतरीन और गौरवशाली रात करार दिया है।

10 खिलाड़ियों के साथ इंग्लैंड ने झेले मैक्सिको के ताबड़तोड़ हमले

यह मुकाबला इंग्लैंड के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। खचाखच भरे स्टेडियम में जहां स्थानीय फैंस मैक्सिको का हौसला बढ़ा रहे थे, वहीं दूसरी ओर दूसरे हाफ में इंग्लैंड के जारेल क्वानसा (Jarel Quansah) को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद इंग्लैंड को अधिकांश समय 10 खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा।

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मैक्सिको ने इंग्लैंड के गोलपोस्ट पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ हमले किए, लेकिन मैच के 60वें मिनट में स्टार स्ट्राइकर हैरी केन (Harry Kane) द्वारा दागे गए पेनाल्टी गोल ने इंग्लैंड की बढ़त को 3-2 कर दिया, जो अंत में निर्णायक साबित हुई। बता दें कि इस मैदान पर खेले गए पिछले 89 मैचों में मैक्सिको को केवल दो बार हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इंग्लैंड ने इस चक्रव्यूह को तोड़ दिया।

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1986 के 'हैंड ऑफ गॉड' का बदला लेने के करीब इंग्लैंड

मैच के बाद स्टार मिडफील्डर जुड बेलिंगघम ने कहा, "मुझे इस टीम, इस देश और इन खिलाड़ियों पर कभी इतना गर्व नहीं हुआ। यह पूरे देश का प्रदर्शन था। हम पिछले एक हफ्ते से यही बात कर रहे थे कि इस तरह के माहौल में मैक्सिको जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना कितना मुश्किल होने वाला है। इस जीत को हासिल करना मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे सर्वश्रेष्ठ रात है।"

दिलचस्प बात यह है कि बेलिंगघम ने दोनों गोल उसी छोर (End) पर किए, जहां ठीक 40 साल पहले (1986 वर्ल्ड कप में) डिएगो माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना प्रसिद्ध 'हैंड ऑफ गॉड' गोल दागा था। बेलिंगघम ने कहा कि वे उस इतिहास के गलत को सही करने से अब कुछ ही कदम दूर हैं।

फैंस से बोले बेलिंगघम— 'बॉस को टेक्स्ट करो और छुट्टी मनाओ'

चूंकि यह मैच ब्रिटेन के समयानुसार देर रात और तड़के सुबह समाप्त हुआ, इसलिए बेलिंगघम ने देशवासियों से इस ऐतिहासिक पल का खुलकर आनंद लेने को कहा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में फैंस से कहा, "अपने बॉस को टेक्स्ट मैसेज भेज दो कि आज आप काम पर नहीं आ रहे हैं। बच्चों से कहूंगा कि स्कूल से दूर रहें, माता-पिता काम पर न जाएं और बस इस पल का आनंद लें। अपने दोस्तों के साथ पब जाएं और जश्न मनाएं, क्योंकि ऐसी रातें बार-बार नहीं आतीं।"

नॉर्वे से होगा अगला मुकाबला, टीम का बढ़ा आत्मविश्वास

इस वर्ल्ड कप अभियान में इंग्लैंड का प्रदर्शन अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा था, लेकिन इस शानदार जीत ने टीम में एक नया आत्मविश्वास फूंक दिया है। बेलिंगघम ने उम्मीद जताई कि इस जीत से पूरी टीम को खुद पर और अधिक विश्वास करने की ताकत मिलेगी।

इंग्लैंड की टीम अब अपने अगले कड़े मुकाबले के लिए तैयार है, जहां शनिवार को मियामी में उनका सामना नॉर्वे से होगा। फैंस को उम्मीद है कि थॉमस ट्यूशेल की सेना इस विजयी रथ को आगे भी जारी रखेगी।