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Jaspal Rana: मणिकर्णिका घाट पर पंचतत्व में विलीन हुए दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा, बेटे युवराज ने दी मुखाग्नि; गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

शिव और गंगा के प्रति थी गहरी आस्था, काशी में अंतिम विदाई की थी इच्छा

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वाराणसी, भदैनी मिरर: देश के दिग्गज निशानेबाज और बेहतरीन कोच जसपाल राणा शनिवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में पंचतत्व में विलीन हो गए। वाराणसी के महाशमशान मणिकर्णिका घाट पर उनके पुत्र युवराज सिंह राणा ने शाम करीब साढ़े सात बजे उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान यूपी पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर इस महान खिलाड़ी को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।

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जसपाल राणा के अंतिम संस्कार के समय उनके बहनोई व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र विधायक पंकज सिंह, नीरज सिंह सहित खेल, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। बता दें कि 49 वर्षीय जसपाल राणा का शुक्रवार को नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था।

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शिव और गंगा के प्रति थी गहरी आस्था, काशी में अंतिम विदाई की थी इच्छा

जसपाल राणा के परिजनों और करीबियों ने बताया कि वे भगवान शिव और मां गंगा के प्रति अटूट और गहरी आस्था रखते थे। उनकी यह दिली इच्छा थी कि जब वे इस दुनिया से जाएं, तो उन्हें अंतिम विदाई मोक्ष नगरी काशी में ही मिले। उनकी इसी अंतिम इच्छा का मान रखते हुए उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी लाया गया।

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चार्टर विमान से लाया गया पार्थिव शरीर, नमो घाट से बोट के जरिए पहुंचे मणिकर्णिका

जसपाल राणा के निधन के बाद शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से पहले देहरादून स्थित पौंधा शूटिंग रेंज ले जाया गया, जहाँ खेल प्रेमियों और परिजनों ने उनके अंतिम दर्शन किए। इसके बाद अपराह्न 3:45 बजे चार्टर विमान से उनके पार्थिव शरीर को वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट लाया गया।

एयरपोर्ट पर सुरक्षा बलों द्वारा सलामी दिए जाने के बाद पार्थिव शरीर को शिवपुर स्थित कासा रिसॉर्ट ले जाया गया, जहां लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। इसके बाद नमो घाट से बोट (नाव) के जरिए उनके पार्थिव शरीर को मणिकर्णिका घाट लाया गया, जहां पहले से ही चिता सजाई गई थी।

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यूपी पुलिस ने दिया 'गार्ड ऑफ ऑनर', नम हुईं सबकी आंखें

मणिकर्णिका घाट पर शाम 6:42 बजे पार्थिव शरीर पहुंचते ही माहौल बेहद गमगीन हो गया। उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों (जिसमें एक एसआई, एक बिगुलर, दो दीवान और आठ कांस्टेबल शामिल थे) ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी।

मुखग्नि से पहले विधायक पंकज सिंह, नीरज सिंह, वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा, और मेयर अशोक तिवारी समेत अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।

अंतिम यात्रा में ये लोग रहे मौजूद: इस दौरान डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल, एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी, एसीपी विजय प्रताप सिंह के अलावा जसपाल राणा के भाई सुभाष राणा, पूर्व सांसद श्याम सिंह यादव, भाजपा काशी क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष महेश श्रीवास्तव, शंकर गिरि, कौशलेंद्र सिंह पटेल और रामेंद्र शर्मा सहित भारी संख्या में खेल और राजनीतिक जगत के लोग उपस्थित रहे।

देश को दिलाए कई अंतरराष्ट्रीय मेडल

जसपाल राणा भारत के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से थे जिन्होंने 1990 और 2000 के दशक में एशियाई खेलों (Asian Games) और राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का परचम लहराया और देश को कई स्वर्ण पदक दिलाए। खेल से संन्यास लेने के बाद उन्होंने बतौर कोच देश को कई बेहतरीन शूटर भी दिए। खेल जगत में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।