अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लिया संन्यास: 'गाबा के नायक' ने 17 साल लंबे करियर को कहा अलविदा
2026 IPL के बाद लिया फैसला; भावुक होकर बोले- 'टाइमिंग ही सब कुछ है, अब विदा लेने का सही समय'
नई दिल्ली (भदैनी मिरर ब्यूरो): भारतीय टेस्ट टीम के पूर्व उप-कप्तान और 'सकटमोचन' बल्लेबाज़ के रूप में पहचान बनाने वाले अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। 38 वर्षीय रहाणे ने 2026 के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की कप्तानी करने के बाद अपने 17 साल लंबे शानदार क्रिकेट करियर पर पूर्णविराम लगाने का फैसला किया।


एक बेहद भावुक वीडियो संदेश जारी करते हुए रहाणे ने कहा, "क्रिकेट में टाइमिंग ही सब कुछ है, चाहे वह शॉट खेलना हो या सही समय पर फैसला लेना। आज मुझे महसूस होता है कि आगे बढ़ने और विदा लेने का यही सही वक्त है। कैप नंबर 278, अब विदा लेता है।"
डोंबिवली की लोकल ट्रेन से भारतीय जर्सी तक का सफर
मुंबई के पास डोंबिवली के एक छोटे से लड़के से भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज़ बनने तक का रहाणे का सफर संघर्ष और समर्पण की मिसाल रहा है। अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए रहाणे ने कहा:

"अभ्यास के लिए डोंबिवली की ट्रेनों में सफर करने वाले उन शुरुआती दिनों से लेकर आज तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। मेरा एक ही सपना था—भारत की जर्सी पहनना। मैंने हमेशा टीम और देश को खुद से ऊपर रखा।"
रहाणे ने 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मैच से अंतरराष्ट्रीय पदार्पण (Debute) किया था, जिसमें उन्होंने 69 रनों की तूफानी पारी खेली थी। इसके तुरंत बाद उन्होंने वनडे में डेब्यू किया, लेकिन टेस्ट जर्सी पहनने के लिए उन्हें 2013 तक का इंतजार करना पड़ा।
गाबा का ऐतिहासिक चमत्कार और कप्तानी का दौर
अजिंक्य रहाणे को भारतीय क्रिकेट इतिहास में उनकी शांत, कुशल और निडर कप्तानी के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी उनके करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित हुई:

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36 रन से ऐतिहासिक वापसी: एडिलेड टेस्ट में भारत के महज 36 रन पर सिमटने और विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली।
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मेलबर्न का शतक: मेलबर्न (MCG) में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट में उन्होंने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार शतक जड़ा और भारत को जीत दिलाई।
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गाबा का किला ढहाया: चोटों से जूझ रही भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए उन्होंने ब्रिस्बेन (गाबा) में ऑस्ट्रेलिया के 32 साल के अजेय रिकॉर्ड को तोड़ा और सिरीज़ 2-1 से अपने नाम की।
आंकड़ों में अजिंक्य रहाणे का करियर
रहाणे लगभग एक दशक तक भारतीय टेस्ट टीम के मध्यक्रम की मजबूत रीढ़ रहे। कठिन विदेशी परिस्थितियों (इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका) में उन्होंने भारत के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं।
| फॉर्मेट | मैच | रन | उच्चतम स्कोर | शतक/अर्धशतक |
| टेस्ट (Test) | 85 | 5,077 | 188 | 12 / 26 |
| वनडे (ODI) | 90 | 2,962 | 111 | 3 / 24 |
| टी20आई (T20I) | 20 | 375 | 61 | 0 / 1 |
भविष्य की योजना: 'अगली पीढ़ी को तराशना ही लक्ष्य'
भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने वाले रहाणे ने साफ किया है कि मैदान छोड़ने के बाद भी वे क्रिकेट से अलग नहीं होंगे।
रहाणे ने कहा, "एक खिलाड़ी के तौर पर मेरी पारी जरूर खत्म हो रही है, लेकिन क्रिकेट के साथ मेरा रिश्ता कभी नहीं टूटेगा। मैं अगली पीढ़ी के युवा खिलाड़ियों को तराशने और इस खेल को कुछ वापस लौटाने के लिए पूरी तरह तत्पर हूँ।"
