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Papmochani Ekadashi 2026: 14 या 15 मार्च? जानिए कब रखा जाएगा पापमोचनी एकादशी व्रत, तिथि और पारण का सही समय

चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व, इस साल श्रवण नक्षत्र और परिध योग का भी बन रहा संयोग

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धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष में दो एकादशी आती हैं और इन्हें भगवान विष्णु की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इन्हीं में से एक पापमोचनी एकादशी भी है, जिसे पापों से मुक्ति दिलाने वाली एकादशी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

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कब है पापमोचनी एकादशी 2026

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 10 मिनट से शुरू होगी और यह 15 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी।

धार्मिक परंपरा के अनुसार व्रत और त्योहारों के निर्धारण में उदयातिथि को अधिक महत्व दिया जाता है। इसी वजह से पापमोचनी एकादशी का व्रत इस वर्ष 15 मार्च 2026, रविवार को रखा जाएगा।

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इस दिन बन रहा है विशेष संयोग

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन श्रवण नक्षत्र और परिध योग का शुभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि ऐसे शुभ योग में भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

व्रत पारण का समय

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। पंचांग के अनुसार 16 मार्च 2026 को सुबह 9 बजकर 30 मिनट के बाद व्रत का पारण किया जा सकता है।

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धार्मिक मान्यताओं में व्रत रखने के साथ-साथ सही समय पर पारण करना भी अत्यंत आवश्यक माना गया है।

पापमोचनी एकादशी की पूजा विधि

पापमोचनी एकादशी के दिन प्रातःकाल स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को शुद्ध करें। इसके बाद एक चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

  • भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।

  • पूजा स्थल के पास जल से भरा कलश स्थापित करें।

  • घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें।

पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “ॐ विष्णवे नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। अंत में पंचामृत, गुड़ और चने का भोग लगाकर आरती के साथ पूजा संपन्न की जाती है।

पापमोचनी एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता है कि पापमोचनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन पूजा-पाठ के साथ दान-पुण्य करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

कई लोग इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करते हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। Bhadaini Mirror इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं करता। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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