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चंद्रग्रहण 3 मार्च: काशी विश्वनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर 4:30 बजे होंगे बंद, अन्य मंदिर सूतक से पहले ही बंद

ग्रहण स्पर्श 3:20 बजे, मोक्ष 6:47 बजे; मोक्ष के बाद 7:15 बजे खुलेंगे दोनों प्रमुख देवालयों के पट

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chandra grahan
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वाराणसी,भदैनी मिरर। 3 मार्च को पड़ रहे चंद्रग्रहण को लेकर काशी के मंदिरों में विशेष व्यवस्था की गई है। परंपरा के अनुसार, ग्रहण के दौरान अधिकांश मंदिर सूतक काल आरंभ होते ही बंद कर दिए जाते हैं। हालांकि, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्नपूर्णा मंदिर वाराणसी की परंपरा अन्य मंदिरों से अलग है।

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4:30 बजे बंद होंगे दोनों प्रमुख मंदिर

ग्रहण के दिन चंद्रमा के उदय से लगभग डेढ़ घंटे पूर्व विश्वनाथ मंदिर के पट बंद करने का विधान है। इसी परंपरा का पालन अन्नपूर्णा मंदिर में भी किया जाता है।
इस क्रम में 3 मार्च की शाम 4:30 बजे दोनों मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

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ग्रहण का समय

  • स्पर्श काल: दोपहर 3:20 बजे
  • मोक्ष काल: शाम 6:47 बजे

ग्रहण मोक्ष के बाद विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा और शाम 7:15 बजे दोनों मंदिरों के पट पुनः भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।


अन्य मंदिर सूतक से पहले होंगे बंद

काशी के अन्य प्रमुख मंदिरों में सूतक काल आरंभ होने के साथ या उससे पहले ही पट बंद कर दिए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से:

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  • संकटमोचन हनुमान मंदिर
  • विशालाक्षी मंदिर मीरघाट
  • बड़ी शीतला मंदिर दशाश्वमेध घाट
  • महालक्ष्मी मंदिर लक्ष्मीकुंड
  • आत्माविश्वेश्वर मंदिर सिंधिया घाट
  • संकठा मंदिर वाराणसी
  • दुर्गा कुंड मंदिर
  • दुर्ग विनायक गणेश मंदिर
  • मणि मंदिर धर्मसंघ
  • त्रिदेव मंदिर वाराणसी
  • नया विश्वनाथ मंदिर बीएचयू

इनके अतिरिक्त नगर के अन्य छोटे-बड़े मंदिर भी ग्रहण स्पर्श काल से पहले ही बंद कर दिए जाएंगे।


श्रद्धालुओं से अपील

मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे ग्रहण के समय और मंदिरों के खुलने-बंद होने के निर्धारित समय का ध्यान रखें। मोक्ष के बाद ही पुनः नियमित दर्शन-पूजन प्रारंभ होगा।
 

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