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Akshaya Tritiya 2026: 100 साल बाद 'अक्षय योग' का महासंयोग, इन 3 राशियों की पलटेगी किस्मत!

जानें किन राशियों के खुलेंगे भाग्य के द्वार!

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Akshay
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सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का पर्व अटूट फल देने वाला माना गया है। साल 2026 की अक्षय तृतीया ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाली है। पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार 100 साल बाद एक ऐसा दुर्लभ 'अक्षय योग' बन रहा है, जो कई राशियों के जीवन में सुख-समृद्धि और धन की बौछार कर सकता है।

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शुभ मुहूर्त और तिथि का समय

पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:45 बजे से प्रारंभ होगी और 20 अप्रैल 2026 को सुबह 07:49 बजे तक रहेगी। तिथि का विस्तार दोनों दिनों में होने के कारण इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है।

क्यों खास है 2026 का 'अक्षय योग'?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 2026 में अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी-अपनी उच्च राशि में विराजमान रहेंगे। जब ये दोनों महत्वपूर्ण ग्रह अपनी उच्च अवस्था में होते हैं, तो 'अक्षय योग' का निर्माण होता है। यह संयोग सकारात्मक ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देता है, जिससे इस दिन शुरू किए गए कार्यों में कभी कमी नहीं आती।

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इन राशियों की चमकेगी किस्मत

इस महासंयोग का सबसे सकारात्मक प्रभाव इन तीन राशियों पर देखने को मिलेगा:

1. मेष राशि (Aries)

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में छलांग लगाने वाला होगा।

  • करियर: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

  • रिश्ते: पार्टनर का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे मानसिक शांति बनी रहेगी।

  • सावधानी: आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा, लेकिन खान-पान और सेहत पर ध्यान देना आवश्यक है।

2. तुला राशि (Libra)

तुला राशि वालों के लिए यह 'अक्षय योग' पुराने संकटों से मुक्ति दिलाने वाला साबित होगा।

  • सफलता: लंबे समय से रुके हुए कार्य बिना किसी बाधा के पूरे होंगे।

  • पारिवारिक सुख: परिवार में मांगलिक कार्य के योग बनेंगे और कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।

  • यात्रा: परिजनों के साथ तीर्थ यात्रा या विदेश भ्रमण की योजना बन सकती है।

3. धनु राशि (Sagittarius)

भाग्य का पूरा साथ मिलने से धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

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  • आर्थिक लाभ: कम निवेश या मेहनत में बड़े मुनाफे के संकेत हैं।

  • शिक्षा: छात्रों के लिए यह समय स्वर्णिम है, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है।

  • नया कार्य: अगर आप कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो यह सबसे उत्तम समय है।

अक्षय तृतीया का महत्व और क्या करें?

'अक्षय' का अर्थ है जिसका कभी क्षय (विनाश) न हो। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया दान और पुण्य कभी समाप्त नहीं होता।

  • सोना-चांदी की खरीदारी: इस दिन धातु खरीदना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

  • दान-पुण्य: जल से भरे घड़े, पंखे या अन्न का दान करना अत्यंत फलदायी है।

  • अबूझ मुहूर्त: अक्षय तृतीया को स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है, इसलिए विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।

नोट: ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर अपनी व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण किसी विशेषज्ञ से अवश्य कराएं।