पश्चिम बंगाल में योगी आदित्यनाथ की हुंकार: क्या बिहार की तरह यहां भी चलेगा 'बुलडोजर' और हिंदुत्व का जादू
पुरुलिया से लेकर जोरासांको तक योगी का आक्रामक अंदाज; ममता सरकार के 'गुंडा राज' पर प्रहार और 'सोनार बांग्ला' का वादा, क्या पलट पाएंगे चुनावी बाजी?
लखनऊ/पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बंगाल दौरा चर्चा का विषय बना हुआ है। पुरुलिया के जॉयपुर में उमड़ी भारी भीड़ और योगी की आक्रामक रैलियां इस बात का संकेत दे रही हैं कि बंगाल की चुनावी फिजा बदल रही है। अपनी हर सभा में सीएम योगी ममता बनर्जी सरकार पर सीधे हमले कर रहे हैं और टीएमसी के 'खेल' को खत्म करने का दावा कर रहे हैं।


बिहार का 'सफल फॉर्मूला' और योगी का स्ट्राइक रेट
बिहार विधानसभा चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ का चुनावी प्रभाव किसी से छिपा नहीं है। चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार में उनका 'स्ट्राइक रेट' 90 फीसदी से भी अधिक रहा। उन्होंने बिहार की जिन 31 सीटों पर प्रचार किया, उनमें से 28 सीटें एनडीए के खाते में गईं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि योगी का हिंदुत्व एजेंडा और उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की उनकी छवि ऐसे हथियार हैं, जिनकी काट विपक्ष के पास नहीं है। बिहार की जिन सीटों पर बीजेपी को कड़ी चुनौती थी, वहां योगी को उतारकर पार्टी ने बाजी पलट दी। अब वही फॉर्मूला पश्चिम बंगाल में आजमाया जा रहा है।

योगी के संबोधन के प्रमुख बिंदु: टीएमसी पर तीखे प्रहार
अपनी रैलियों में सीएम योगी ने कई संवेदनशील मुद्दों को उठाकर ममता सरकार को घेरा है:
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काबा बनाम मां कालीबाड़ी: योगी ने बंगाल की अस्मिता पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, बल्कि मां कालीबाड़ी से है। उन्होंने कोलकाता के मेयर के उर्दू वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कोई भी बंगाली अस्मिता के साथ खिलौना नहीं कर सकता।
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राम नाम और तुष्टिकरण: सीएम ने आरोप लगाया कि ममता दीदी भगवान राम के नाम से चिढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में आज रामनवमी, जन्माष्टमी और कांवड़ यात्रा धूमधाम से निकलती है, जबकि बंगाल में शोभायात्रा तक की अनुमति नहीं दी जाती और गो-हत्या जैसे मामले सामने आते हैं।
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बुलडोजर मॉडल: उत्तर प्रदेश की तर्ज पर योगी ने बंगाल में भी 'गुंडा राज' खत्म करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि यूपी में माफिया-गुंडों की संपत्ति पर बुलडोजर चलता है और गरीबों को उनका हक मिलता है। उन्होंने टीएमसी पर गुंडा टैक्स वसूलने और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पैतृक संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप लगाया।
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सोनार बांग्ला का संकल्प: सीएम योगी ने विश्वास जताया कि 4 मई को चुनाव परिणाम आते ही बंगाल में 'सोनार बांग्ला' की वापसी होगी। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे अपनी अस्मिता बचाने के लिए लोकतंत्र की ताकत का इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष
सीएम योगी की रैलियों में उमड़ती भीड़ और वहां एक बच्चे के हाथ में दिखा 'बुलडोजर' वाला पोस्टर, इस बात को दर्शाता है कि बंगाल की जनता बदलाव की उम्मीद कर रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बिहार और दिल्ली की तरह, बंगाल में भी योगी का 'जादू' ममता बनर्जी की सत्ता को हिला पाएगा या नहीं।
