Varanasi: "मीट की दुकानें हटाने का आरोप झूठा, महापौर प्रस्ताव दिखाएं या माफी मांगें", नगर निगम विवाद पर गरमाई काशी की सियासत
कांग्रेस पार्षद दल का बीजेपी पर पलटवार; कहा- सावन-नवरात्र में बंदी की बात कही थी, मेयर राजनीतिक लाभ के लिए फैला रहे हैं भ्रम।
वाराणसी। काशी में मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की चल रही चर्चाओं के बीच वाराणसी की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। मैदागिन स्थित पार्टी कार्यालय 'राजीव भवन' में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता के दौरान महानगर कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस पार्षद दल ने महापौर (मेयर) अशोक तिवारी और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि भाजपा अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष पर भ्रामक और झूठे आरोप मढ़ रही है।


"मेयर साहब! या तो प्रस्ताव सार्वजनिक करें या काशी से माफी मांगें"
भदैनी मिरर को मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने मीडिया के सामने महापौर के दावों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया। पिछले कुछ दिनों से प्रचारित किया जा रहा है कि शहर से मीट की दुकानों को बाहर करने का प्रस्ताव कांग्रेस की तरफ से आया था।

इस पर पलटवार करते हुए गुलशन अंसारी ने कहा, "हमने नगर निगम में ऐसा कोई प्रस्ताव कभी नहीं दिया। यदि महापौर अशोक तिवारी का दावा सच्चा है, तो वह तत्काल उस प्रस्ताव को सार्वजनिक करें। जनता को तारीख, बैठक और पत्र दिखाया जाए। यदि मेयर ऐसा नहीं कर सकते, तो उन्हें काशी की जनता से माफी मांगनी चाहिए।"

सावन-नवरात्र पर बंदी का सुझाव, दुकान हटाने का नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति समाज को जोड़ने की है, बांटने की नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षद दल ने केवल सावन और नवरात्र जैसे विशेष धार्मिक अवसरों पर—जब लाखों की संख्या में श्रद्धालु काशी आते हैं—आस्था का सम्मान करते हुए कुछ दिनों के लिए दुकानें बंद रखने का केवल एक सुझाव दिया था। लेकिन भाजपा ने राजनीतिक लाभ के लिए उस सुझाव को तोड़-मरोड़कर पूरे शहर से दुकानें हटाने के बड़े विवाद के रूप में पेश कर दिया।
"काशी विश्व की प्राचीनतम सांस्कृतिक नगरी है, जिसकी पहचान आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब से है। महापौर के भ्रामक बयान इस सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचा रहे हैं। भाजपा विभाजन की राजनीति बंद करे।" — गुलशन अंसारी, नेता पार्षद दल (कांग्रेस)
जलभराव, सीवर और टूटी सड़कों से ध्यान भटकाने की साजिश
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निगम वाराणसी के विकास, सफाई व्यवस्था, सीवर संकट और बारिश के समय होने वाले भारी जलभराव की समस्या को दूर करने में पूरी तरह फेल साबित हुआ है। शहर की जनता बदहाल नागरिक सुविधाओं से त्रस्त है। इन ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए रोज नए-नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस के खिलाफ यह झूठा दुष्प्रचार बंद नहीं हुआ, तो कांग्रेस जन-जन तक सच्चाई पहुंचाने के लिए शहर में एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये प्रमुख नेता रहे उपस्थित
मैदागिन राजीव भवन में आयोजित इस पत्रकार वार्ता में कांग्रेस की एकजुटता साफ दिखाई दी। इस दौरान महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और पार्षद दल के नेता गुलशन अली के साथ प्रमुख रूप से पार्षद रमजान अली, अफरोज अंसारी, असलम खां, वकास अंसारी, राज खान, बेलाल अंसारी, तुफैल अंसारी, अरशद लड्डू, अब्दुल हमीद डोडे, किशन यादव, मो. उज्जैर, किशन गुप्ता और कृष्णकांत तिवारी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
