UP Politics: अखिलेश यादव संग फोटो पर मंत्री राकेश सचान की सफाई
राज्यसभा चुनाव के दौरान मुलाकात के बाद क्रॉस वोटिंग के कयास; जानिए बीजेपी मंत्री का राजनीतिक सफर और भोगनीपुर सीट का पूरा सियासी गणित
कानपुर देहात / भदैनी मिरर:उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और कानपुर देहात की भोगनीपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राकेश सचान की समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ सामने आई एक तस्वीर ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राज्यसभा चुनाव के नामांकन के दौरान लखनऊ में हुई इस मुलाकात और तस्वीर के वायरल होते ही क्रॉस वोटिंग और पाला बदलने के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, मामले को तूल पकड़ता देख मंत्री राकेश सचान ने तुरंत सफाई देते हुए कहा कि वह केवल विधानसभा अध्यक्ष से मिलने गए थे।

सपा से शुरुआत, कांग्रेस होते हुए बीजेपी तक का सफर
भोगनीपुर की वर्तमान सियासत को समझने के लिए राकेश सचान के राजनीतिक अतीत को जानना बेहद जरूरी है:
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समाजवादी पार्टी का दौर: राकेश सचान ने अपनी राजनीति की शुरुआत सपा से की थी। वह 1993 और 2002 में घाटमपुर सीट से सपा विधायक रहे और 2009 में फतेहपुर से सपा सांसद चुने गए। उन्हें मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव का बेहद करीबी माना जाता था।
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कांग्रेस और फिर बीजेपी: 2019 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस का रुख किया। इसके बाद 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया, जहां पार्टी ने उन्हें भोगनीपुर से प्रत्याशी बनाया।
2022 का चुनाव और बीजेपी के भीतर का विरोध
2022 के चुनाव में बीजेपी ने अपने 2017 के पूर्व विधायक विनोद कुमार कटियार का टिकट काटकर राकेश सचान को मैदान में उतारा था, जिसको लेकर पार्टी के भीतर भारी असंतोष और नारेबाजी देखने को मिली थी।
हालांकि, नतीजों में राकेश सचान ने 87,809 वोट हासिल कर सपा के नरेंद्र पाल सिंह (75,916 वोट) को 11,893 वोटों के अंतर से हराया। इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवार जुनैद खान (पहलवान) को 47,332 वोट मिले थे। जीत के अंतर से करीब चार गुना वोट अकेले बीएसपी उम्मीदवार को मिले थे।
जुनैद की सपा में एंट्री से बदला 2027 का समीकरण
हाल ही में जुनैद पहलवान के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद 2027 के चुनावी गणित में नए मोड़ आ गए हैं। अखिलेश यादव ने खुद 2022 का जिक्र करते हुए माना था कि यदि जुनैद सपा के साथ होते, तो परिणाम अलग हो सकता था।
वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जालौन सीट के अंतर्गत आने वाले इसी भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र में सपा के नारायण दास अहिरवार को 1,06,873 वोट मिले, जबकि बीजेपी के भानु प्रताप सिंह वर्मा को 75,848 वोट मिले। यानी लोकसभा चुनाव में सपा को भोगनीपुर से 31,025 वोटों की बड़ी बढ़त हासिल हुई थी।
2027 के लिए बीजेपी में विनोद कटियार और सामाजिक गणित
भोगनीपुर सीट पर दलित, मुस्लिम, यादव, कुर्मी, पाल, कुशवाहा, निषाद, ब्राह्मण और क्षत्रिय मतदाता किसी भी दल के जीत-हार का मुख्य आधार हैं।
यदि 2027 में बीजेपी फिर से राकेश सचान पर दांव लगाती है, तो पूर्व विधायक विनोद कुमार कटियार का खेमा और पुरानी गुटबाजी पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है। वहीं, यदि बीएसपी कोई मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारती है, तो त्रिकोणीय मुकाबले में वोट बैंक का बंटवारा एक बार फिर भोगनीपुर के चुनावी नतीजों को दिलचस्प बना देगा।
