UP Politics INDIA Alliance Seat Sharing: बिहार की तर्ज पर यूपी में भी खींचतान! कांग्रेस प्रभारी ने मांगी 200 सीटें
यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले INDIA अलायंस में सीट शेयरिंग पर घमासान; अखिलेश यादव के 'बात सीट की नहीं जीत की' बयान पर कांग्रेस का पलटवार।
राजनीतिक व प्रादेशिक डेस्क (भदैनी मिरर): बिहार के पिछले चुनावों की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी घमासान और खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। यूपी कांग्रेस के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि कांग्रेस केवल 150 सीटों की नहीं, बल्कि राज्य में कम से कम 200 सीटों की हकदार है और गठबंधन में पार्टी को 'बराबरी का सम्मान' मिलना चाहिए।

अखिलेश यादव का बयान और कांग्रेस का पलटवार
दरअसल, सीट शेयरिंग के उठते सवालों के बीच सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया 'X' पर पोस्ट करते हुए गठबंधन का रुख स्पष्ट करने की कोशिश की थी। अखिलेश यादव ने लिखा था— "गठबंधन में कितनी सीटें हैं या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, इससे बड़ी बात यह है कि सभी दल मिलकर गठबंधन की जीत सुनिश्चित करें। बात सीट की नहीं, जीत की है। मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है।"
अखिलेश यादव के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद और प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सवाल खड़ा किया। गौतम ने कहा, "कांग्रेस भी जीत की ही बात कर रही है, लेकिन जब पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त सीटें ही नहीं मिलेंगी तो जीत कैसे हासिल होगी? बिना चुनाव लड़े कोई कैसे जीत सकता है?"
"कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी, सम्मान जरूरी"
राजेंद्र पाल गौतम ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी पार्टी है। आजादी की लड़ाई से लेकर देश में आईआईटी, एम्स, आईआईएम, बैंक और बड़े उद्योगों की स्थापना तक कांग्रेस का ऐतिहासिक योगदान रहा है। ऐसे में गठबंधन में पार्टी के कद और जमीन का ध्यान रखा जाना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस जीत की संभावनाओं को देखते हुए सीट शेयरिंग में व्यावहारिक और लचीला रुख अपनाने को तैयार है, लेकिन आत्मसम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
अक्टूबर तक फाइनल हो सीट बंटवारा
कांग्रेस प्रभारी ने उम्मीद जताई कि सपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को अक्टूबर तक सीट बंटवारे के मुद्दे को सुलझा लेना चाहिए, ताकि चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को अपने-अपने क्षेत्रों में काम करने और जनता से जुड़ने का पर्याप्त समय मिल सके।
अब देखना यह होगा कि क्या समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 200 सीटें देने के लिए तैयार होती है या फिर सीटों के आंकड़े को लेकर दोनों दलों के बीच यह रार और गहराएगी।
