वाराणसी में सपा नेताओं ने उड़ाई PDA वाली पतंग, 2027 में सत्ता परिवर्तन का दिया संदेश
मकर संक्रांति पर गंगा घाट से सपा कार्यकर्ताओं ने PDA अभियान की शुरुआत, अखिलेश यादव के निर्देश पर आसमान में लहराई ‘PDA है तैयार’ पतंग
वाराणसी, भदैनी मिरर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर वाराणसी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनोखे और राजनीतिक संदेश से भरे अंदाज में पर्व मनाया। गंगा घाट पर आयोजित पतंगबाजी के दौरान सपा नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं ने “PDA है तैयार” स्लोगन लिखी विशेष पतंग उड़ाकर 2027 विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया।



यह आयोजन वाराणसी के रविदास घाट पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एकत्र हुए। पतंगबाजी के माध्यम से PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग को एकजुट करने और समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
PDA अभियान को नई ऊंचाई देने की कोशिश

सपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह कार्यक्रम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित किया। PDA लिखी पतंगों को मकर संक्रांति के दिन आकाश में उड़ाकर यह संदेश दिया गया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी पूरी तरह तैयार है।
रविदास घाट पर मौजूद सपा कार्यकर्ता प्रदीप यादव ने बताया कि PDA अभियान को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष पतंग का निर्माण कराया गया।
उन्होंने कहा- “इस पतंग को सबसे पहले लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिखाया गया था। उन्होंने इसकी सराहना की और सोशल मीडिया के माध्यम से इसका संदेश पूरे प्रदेश में पहुंचाया।”

प्रदीप यादव ने आगे कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर इन पतंगों को वाराणसी सहित अन्य क्षेत्रों में वितरित किया गया और मकर संक्रांति पर उड़ाकर PDA की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया गया।
अखिलेश यादव ने की सराहना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी PDA पतंग की तस्वीर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। इससे कार्यकर्ताओं का उत्साह और भी बढ़ गया।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि PDA अभियान के जरिए समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को एक मंच पर लाकर 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने की रणनीति बनाई जा रही है। PDA पतंग को उसी राजनीतिक संदेश और संघर्ष का प्रतीक बताया गया।
